भगवान टाकीज फ्लाईओवर के पास सर्विस लेन धंस जाने से हुए गड्ढे में गिरकर युवक की मौत हो जाने के मामले में दोषी कौन है, यह तो जांच केबाद ही साफ होगा। लेकिन फिलहाल दो महकमे सवालों के घेरे में है। पहला नगर निगम जिसने फ्लाईओवर के नीचे जर्जर पाइप लाइन को ठीक नहीं कराया। इसके चलते पहले भी यहीं पर सड़क धंसी थी।
दूसरा, एनएचएआई जिसने बगैर किसी तैयारी के हाईवे का पूरा ट्रैफिक सर्विस लेन पर शिफ्ट कर दिया। भारी वाहनों का लोड यह सड़क झेल नहीं पा रही है। इस तरह के हादसे और भी हो सकते हैं। हर बारिश केबाद हाईवे की सड़क धंस रही है। सर्विस लेन पर जगह जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं।
यह तमाम समस्या इसलिए है क्योंकि फ्लाईओवर निर्माण के लिए हाईवे को कई जगह बंद कर दिया गया है। इसका पूरा ट्रैफिक सर्विस लेन पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसकी सड़क को इसके लिए तैयार नहीं किया गया। वाहनों का लोड बढ़ जाने से लड़क जगह जगह धंस रही है। दूसरे नंबर पर नगर निगम का नंबर आता है। जिसकी सीवर पाइप लाइन यहां से गुजर रही है। यह जर्जर है। इसे ठीक नहीं कराया जा रहा। लीकेज से पानी रिसता रहता है। इससे हाईवे धंस रहा है। इन दोनों महकमों के अलावा पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा इसलिए फूटा क्योंकि न तो कंट्रोल रूम का फोन उठा और न ही थाना से कोई आया।
बवाल के बाद खुली पुलिस की आंख
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि शाम चार बजे ही पुलिस को फोन कर बताया गया था कि यहां गहरा गड्ढा हो गया है, हादसा हो सकता है लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। नगर निगम भी फोन किया था। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद जब युवक डूब गया, तब भी पुलिस को सूचना दी। न्यू आगरा थाना बराबर में ही है। फिर भी पुलिस नहीं आई। जब लोगों ने बसों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। तब पुलिस आई।
युवक को दीपक के हाथ
से छीनकर ले गई मौत
सर्विस लेन पर गड्ढा होते ही आस पास के लोगों ने वहां कई डिब्बे रख दिए थे ताकि कोई गड्ढे के पास न जाए। लेकिन बारिश में डिब्बे बह गए। सड़क पर पानी भर गया तो गड्ढा नजर नहीं आ रहा था। रात आठ बजे ट्रैफिक जाम हो गया था। इससे बचने के लिए पैदल जा रहा युवक सर्विस लेन के किनारे चलने लगा। वह फ्लाईओवर के नीचे जाना चाहता था। इसी केपास गड्ढा था। चश्मदीद शिवम ने बताया कि वह जब नजदीक पहुंचा, तो पास खड़े मछली विक्रेता चिल्लाई लेकिन शायद ट्रैफिक के शोर के चलते वह सुन नहीं पाया। कौशलपुरा का रहने वाला दीपक उसे बचाने के लिए दौड़ पड़ा। दीपक चिल्ला रहा था। तभी वह युवक गड्ढे में गिर गया। दीपक के हाथ सिर्फ उसका हाथ आया। उसने उसे बाहर खींचने की कोशिश की लेकिन हाथ गीला होने के चलते फिसल गया। उसकी मौत हो जाने केबाद आस पास के लोगों ने ही बांस और रस्सी के सहारे उसका शव बाहर निकाला।
तो पूरी कार गड्ढे में समा जाती
फ्लाईओवर के नीचे ठेल लगाने वाले लोगों ने बताया कि गड्ढा चार बजे ही हो गया था। थोड़ी देर बाद एक कार में इसमें समाते समाते बची। उसका ड्राइवर की साइड वाला पहियां गड्ढे में आ गया था। लोगों ने धक्का देकर उसे बाहर निकाला। कार में चार लोग सवार थे।