यादव बहुल क्षेत्र शिकोहाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी का गठन करने के बाद शिकोहाबाद विधानसभा से 1993 का चुनाव लड़े और जीते थे। यहां से चुनाव जीतने के बाद ही मुलायम सिंह का राजनीतिक सफर दिन प्रतिदिन सियासी ऊंचाइयों तक पहुंचा। यहां से निर्दलीय चुनाव लड़े रामनरेश यादव ने भी जीत के साथ मुख्यमंत्री पद हासिल किया था।
पहले था मैनपुरी का हिस्सा
पांच फरवरी 1989 को फिरोजाबाद जिला बनने के बाद शिकोहाबाद विधानसभा क्षेत्र फिरोजाबाद जिले का हिस्सा बन गई। इससे पहले मैनपुरी जिले का हिस्सा रहते हुए इस विधानसभा की जनता ने 1985 के चुनाव में रामनरेश यादव को निर्दलीय एकतरफा चुनाव जिताने का काम किया था। विधानसभा के चुनाव में रामनरेश यादव को 47,327 मत मिले थे जबकि प्रतिद्वंदी कांग्रेस के निहाल सिंह यादव को मात्र 17,573 मत ही मिल पाए थे। रामनरेश यादव को इस दौरान प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला था। इधर इस विधानसभा के चुनाव परिणामों के इतिहास पर नजर डालें तो 1980 के विधानसभा चुनाव में एक लाख 33,030 मतों में से 55,024 यानि 41.36 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था। इसमें जगदीश यादव 16,397 मत पाकर चुनाव जीते थे। लेकिन प्रतिद्वंदी गंगा सिंह यादव मात्र 588 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे। गंगा सिंह यादव को इतने कम अंतर से चुनाव हारने का मलाल रहा।
दूसरी बार बने थे मुख्यमंत्री
वर्ष 1991 झाऊलाल यादव को विधानसभा पहुंचाने वाली शिकोहाबाद की जनता ने 1993 के चुनाव में साइकिल पर सवार मुलायम सिंह यादव को जीत के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया। मुलायम सिंह यादव ने इस चुनाव में 55,249 मत हासिल किए। उन्होंने अशोक यादव को 15,691 मतों से हराया। मुलायम सिंह की पकड़ का ही कमाल था कि वर्ष 2012 के चुनाव में सपा प्रत्याशी ओमप्रकाश वर्मा ने सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। ओमप्रकाश वर्मा को 98,682 मत मिले थे। जबकि प्रतिद्वंदी बसपा के डा. मुकेश वर्मा को उस समय 54,688 मत मिले थे। उन्होंने 43,994 मतों को अंतर से जीत दर्ज की थी। सपा जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र चंचल ने बताया कि समाजवादी पार्टी का गठन करने के बाद पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव शिकोहाबाद विधानसभा से चुनाव जीतने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे।