इससे आलू के उन्नत और गुणवत्ता बीज पर शोध होंगे। इससे विदेशों की मांग पर बीज तैयार कर खेती होगी और आलू का निर्यात बढ़ जाएगा। ऐसा होने से किसानों की आय दोगुना होने के साथ क्षेत्र में रोजगार, उद्यम को भी बढ़ावा मिलेगा। ओडीओपीडी योजना में आगरा के ब्रश, फूड प्रोसेसिंग, चांदी निर्मित पायल समेत अन्य सामान और जरदौजी को भी शामिल करने पर भी सकारात्मक विचार हो रहा है। मथुरा के बारे में उन्होंने कहा कि 50 हजार करोड़ रुपये से विकास कार्य किए जा रहे हैं। इससे मथुरा की विशेष धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के तौर पर पहचान मजबूत होगी। उन्होंने औद्योगिक पार्कों की स्थापना और स्टांप ड्यूटी में 100 फीसदी तक ही छूट की सहूलियत के बारे में भी बताया।
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने बताया कि अभी ओडीओपी में पेठा, फुटवियर और संगमरमर पर पच्चीकारी ही शामिल है। चार और उद्यम के शामिल करने के लिए प्रस्ताव सौंपा है। इनको स्वीकृति मिलने पर शहर और आसपास के जिलों में भी विकास तेजी से होगा। कार्यक्रम समापन पर एमएसएमई के 11 विशिष्ट उद्यमियों को सम्मानित भी किया।
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