फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को पत्र लिखकर किसानों से बिजली बकाया भुगतान में छह महीने की रियायत देने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों पर किसानों के शोषण करने का भी आरोप लगाया है।
सांसद ने पत्र में लिखा है कि ओलावृष्टि और बारिश से फसल को नुकसान हुआ है। पशुओं के चारे तक के लाले हैं। ऐसे करीब 28 हजार किसान हैं, जो सरकारी मदद की आस में हैं। लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी किसानों से बिजली बकाए का जबरन वसूली कर रहे हैं।
छह महीने तक किसानों से बकाया भुगतान वसूला न जाए और ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाए। सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि किसानों से जबरन वसूली करने वाले सपा-बसपा मानसिकता वाले अधिकारियों को चिह्नित भी किया है।
किरावली के 33 गांवों में अधूरा फसल नुकसान का वास्तविक आकलन
एक तरफ बारिश किसानों के जख्म कुरेद रही है, दूसरी तरफ खेतों में बर्बाद फसलों का आंकलन अधूरा है। जिले में 40 हजार से अधिक किसानों को सर्वे और मुआवजे का इंतजार है। मुआवजा वितरण के लिए शासन पैसा दे चुका है, लेकिन सर्वे के इंतजार में किसानों को नहीं मिला।
मुख्य सचिव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ओलावृष्टि का मुआवजा वितरण शुरू नहीं करने पर एडीएम वित्त रमेश चंद्र से नाराजगी व्यक्त की। 48 घंटे में पैसे बांटने के आदेश दिए। 24 घंटे खत्म हो चुके हैं। इधर, फसलों में हुए नुकसान का राजस्व विभाग वास्तविक आंकलन नहीं कर सका।
एडीएम वित्त रमेश चंद्र ने कहा कि आंकलन हो चुका है, सिर्फ लाभार्थियों की सूची नहीं बनी। जैसे ही सूची बन जाएगी, उसे कृषि विभाग के पोर्टल पर डाला जाएगा। फिर ई-पेमेंट के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में पैसा पहुंचने लगेगा।
किरावली क्षेत्र में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। यहां 33 गांव में 35 से 50% तक फसल बर्बाद हुई है। राज्य किसान सलाहाकार समिति के सदस्य बंगाली बाबू अरेला ने बताया कि लेखपाल गांव में सर्वे करने नहीं आए। घर बैठे सर्वे रिपोर्ट बन रही हैं। बरौली अहीर के 25 से अधिक गांव में भारी नुकसान हुआ है।