24एमएनपी-53- राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव
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मैनपुरी। राज्यसभा सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने बृहस्पतिवार को सदन में उत्तर प्रदेश में भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति के विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि उत्तर प्रदेश में इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही भारतीय भाषाओं में देश के प्राचीन साहित्य के संरक्षण पर भी उन्होंने विशेष जोर देने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि देश में युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए क्या कार्य किए जा रहे हैं। इस पर संस्कृति पर्यटन एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने उनके प्रश्रों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि संस्कृति मंत्रालय का उद्देश्य भारतीय साहित्य, संस्कृति और कलाओं का संरक्षण और संवर्धन करना है। रोजगार सृजन करना संस्कृति मंत्रालय का कार्य नहीं है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को भी उन्होंने गिनाया। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में ललित कला अकादमी, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और साहित्य अकादमी जैसे केंद्रों की शुरूआत की गई है। इसे लगातार दार्शनिक परंपराओं और संस्कृति के प्रति लोगों में रुचि जागरूक हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने इससे संबंधित विभिन्न कार्यों पर खर्च हो रही धनराशि की भी जानकारी दी।