चार माह के लॉकडाउन ने आगरा के अखिल, निशांत और निधि के स्थापित कारोबार को जमीं दिखा दी। परिवार की जिम्मेदारी और कभी न हार मानने की हिम्मत ने उनको एक बार फिर फर्श से अर्श पर खड़ा कर दिया। इस बार नए हौसले के साथ नए काम का आगाज किया। विश्वास के साथ किया गया कारोबार चल निकला। उन हजारों लोगों के लिए भी नजीर पेश कर दी, जो कुछ माह की परेशानी में हौसला हार चुके थे।
ग्राहक आने हुए कम, तो ऑनलाइन शुरू किया कारोबार
घटिया निवासी अखिल मोहन मित्तल का करीब 48 वर्ष पुराना फर्नीचर का काम है। लॉकडाउन ने औरों की तरह कारोबार ठप कर दिया। लॉकडाउन खुला तो ग्राहकों की संख्या काफी कम थी। खर्च तक निकलना मुश्किल हो गया था। ऐसे में अपने काम को ऑनलाइन लेकर आ गए। चीन के सामान को टक्कर देने के लिए वैसे ही डिजाइन का सामान बनाना शुरू कर दिया। अब 100 किमी के दायरे में कारोबार को फैला लिया है। टर्नओवर लगभग 25 लाख रुपये तक पहुंचा दिया है।