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पुलिस को धता बता आखिर किस महफूज ठिकाने पर छिपा है मोती?

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सिपाही की हत्या और पुलिस टीम पर हमले के मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती और उसके भाइयों की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस उसके ठिकानों के कयास लगा रही है। 11 दिन बीत गए हैं लगातार 8 टीमें दिन रात 24 घंटे तलाश में जुटी हैं। फिर भी माफिया और उसके भाइयों का कोई सुराग नहीं लग पा रहा। बार-बार सवाल उठ रहा है कि माफिया आखिर कहां है। किसके संरक्षण में है और उसकी क्या लोकेशन है। पुलिस इन सवालों के उत्तर में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली।
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9 फरवरी की रात सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव नगला धीमर के शराब माफिया ने अपने साथियों व भाइयों के साथ मिलकर सिपाही की हत्या कर दी और दरोगा को घायल कर दिया। वारदात के बाद से माफिया और उसके दो भाई फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में पूरी ताकत झोंक चुकी है लेकिन पुलिस को अभी तक कोई सफलता हासिल नहीं हो पा रही। अब तो पुलिस भी अंदरखाने यही मानने लगी है कि माफिया मोती को कोई महफूज ठिकाना मिल गया है। वह वहीं छिपा हुआ है। माफिया और उसके भाइयों पर कोई मोबाइल नहीं है। ऐसे में लोकेशन भी नहीं मिल रही। 11 दिन बीत चुके हैं। 8 टीमें जिले से लेकर दूसरे जिलों तक गिरफ्तारी में जुटी हैं। दिन रात मेहनत की जा रही है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही। पुलिस का ऑपरेशन जारी है।
सुनसान खादर में दिन रात चहल कदमी
गंगा की जो खादर कभी सुनसान पड़ी रहती थी। अब वहां पुलिस पीएसी बल की चहलकदमी ने रात का सन्नाटा भी तोड़ दिया है। पुलिस दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी माफिया मोती और उसके भाईयों को तलाश रही है। पुलिस की टीमें जगह जगह डेरा डाले हैं।
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निशाने पर हैं कई संदिग्ध
जहां एक ओर कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर चुकी है वहीं और भी कई संदिग्ध चिह्नित किए जा रहे हैं। जिससे कि उन संदिग्धों के इशारों से माफिया मोती की सुरागकशी हो सके। पुलिस नित नई कार्य योजना बनाने में जुटी है। अफसर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
वर्जन-
- शराबमाफिया मोती और उसके भाईयों का कोई सुराग नहीं लगा है। उसकी तलाश में टीमें लगी हुई हैं। गैर जनपद में भी टीमें संभावित ठिकानों पर तलाश कर रहीं है- मनोज सोनकर, एसपी।
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