हर किसी के जीवन में मां की एक खास जगह होती है। इसे कोई और नहीं ले सकता। एटा जिले में ऐसी भी कई मां हैं, जिन्होंने बेटियों को गोद लेकर समाज में नई मिसाल कायम की। उनकी कोख से बेटियों ने जन्म नहीं लिया, लेकिन उन पर ममता और प्यार खूब लुटा रही है।
शहर के कांशीराम कॉलोनी निवासी दीपिका सक्सेना अपनी तीन साल की बेटी तनिष्का पर कुछ ऐसे ही ममता की बरसा रही हैं। वे बताती हैं कि उनकी गोद सूनी थी, तो हर दम अकेलापन लगता था।
तीन साल पहले उनकी बहन ने बेटी को जन्मा और दीपिका उनसे मिलने गई। अनायास ही अपनी सूनी कोख को भरने और बेटी को प्यार देने का ख्याल मन में आया। दीदी से बात की और लक्ष्मी मानकर बेटी को घर ले आईं।