आगरा के लेडी लॉयल (महिला जिला अस्पताल) में जन्म के चार दिन बाद ही बच्चे को उसकी मां और अन्य परिजन छोड़कर चले गए। परिजनों के नहीं आने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस और चाइल्ड लाइन को सूचना दी। बच्चे को राजकीय बाल गृह (शिशु सदन) में आश्रय दिलाया गया है। वहीं चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्चे के परिजनों के बारे में जानकारी की, लेकिन अस्पताल में दर्ज नाम और पते पर कोई नहीं मिला।
चाइल्ड लाइन की समन्वयक रितु वर्मा ने बताया कि तीन दिन पहले सूचना मिली थी कि लेडी लॉयल अस्पताल में एक महिला ने 26 मार्च को बेटे को जन्म दिया था। 30 मार्च तक महिला, उसके साथ आए लोग बच्चे का इलाज कराते रहे। अचानक महिला को परिजन ले गए। अस्पताल प्रशासन से कुछ देर में आकर बच्चे को ले जाने की बात कही। लेकिन, लौटकर कोई नहीं आया।
बच्चे की हालत बिगड़ने पर एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती करा दिया गया। सूचना पर चाइल्ड लाइन की टीम पहुंच गई। गुरुवार को थाना एमएम गेट पुलिस की मदद से बच्चे को सुपुर्दगी में लिया गया। इसके बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। बच्चे को शिशु गृह में आश्रय दिलाया गया है।
सीसीटीवी फुटेज में साफ नहीं दिख रहे चेहरे
चाइल्ड लाइन समन्वयक रितु वर्मा ने बताया कि लेडी लॉयल में 26 मार्च को महिला भर्ती हुई थी। उसके साथ आए व्यक्ति ने अपना नाम अदब निवासी मोहन नगर, बोदला बताया था। जबकि महिला का नाम शबाना दर्ज कराया था। 30 मार्च को महिला के साथ आए व्यक्ति ने कहा कि वह घर जा रहे हैं। पत्नी को पहले घर ले जाएंगे। अपनी सास को बच्चे के पास छोड़ जा रहा है। कुछ देर बाद आकर बच्चे को ले जाएंगे। लेकिन, वह वापस नहीं आए।
बाद में बच्चे के पास रुकी महिला भी चली गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए, लेकिन परिजनों का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है। पुलिस यह पता कर रही है कि बच्चे को मां और उसके साथ आए लोग क्यों छोड़कर कर गए हैं। महिला के लिखाए गए पते पर कोई नहीं मिला। कॉलोनी के लोगों ने किसी महिला के डिलीवरी होने से इंकार कर दिया।
मां के लिए बिलख रहा शिशु
जन्म के चार दिन बाद ही मां की गोद से अबोध बालक महरूम हो गया। पहले उसे अस्पताल प्रशासन ने संभाला। बाद में चाइल्ड लाइन की टीम पहुंची। बालक बार-बार रोये जा रहा था। टीम की सदस्य उसे किसी तरह संभाल रही थी। उसे आश्रय गृह में ले जाया गया। वहां भी बच्चा रो रहा था।
पहले भी यहां दो बच्चे छोड़ गए थे परिजन
वर्ष 2018 में डिलीवरी के बाद महिला बेटे को छोड़ गई थी। बाद में पुलिस ने मां को ढूंढ निकाला था। मां ने बताया था कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए छोड़कर चले गए थे। वर्ष 2019 में बेटी पैदा होने के बाद मां छोड़कर चली गई थी। बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उसके परिजनों के बारे में पता नहीं चल सका था।
लेडी लॉयल से चोरी हुई थी बच्ची
लेडी लॉयल अस्पताल से तीन साल पहले शाहगंज की एक महिला ने बेटी को जन्म दिया था। मां के पास से बेटी को कोई उठा ले गया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन बच्ची बरामद नहीं हो सकी थी।