असल में इस गांव का नाम ऋषि पाराशर की जन्मस्थली होने के कारण परासौली पड़ा था। वल्लभाचार्य के अनुसार भगवान कृष्ण एवं राधारानी ने यहां चंद्र सरोवर के निकट ब्रह्मा जी के एक क्षण यानि छह मास तक रास किया था। जिससे इस स्थली का माहात्म्य बढ़ गया।
इसके बाद महाकवि सूरदास की साधनास्थली के रूप में विख्यात होने के बाद यह गांव साहित्य एवं संस्कृति की दृष्टि से और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया। मुगल काल में इसका नाम बदलकर महमूदपुर कर दिया गया। अब ब्रजतीर्थ विकास समिति के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की मदद से मुख्यमंत्री एवं समिति के अध्यक्ष योगी आदित्यनाथ के माध्यम से यह संभव हो सका है।
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