आगरा में एक बेबस मां की ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जो आपका कलेजा भी चीर देगी। बेटे की लाश के साथ ये मां रातभर शीतगृह परिसर में ही बैठी विलाप करती रही। हादसे के 24 घंटे बाद प्रशासन की नींद खुली, तब आर्थिक मदद का भरोसा देकर कराया शांत।
आगरा के बरहन थाना क्षेत्र के गांव नगला गोल स्थित अनार देवी सुगंधी शीतगृह में पुताई के दौरान बुधवार को करंट से मजदूर सुमित की मौत हो गई थी। शव लेकर मुआवजे के लिए विधवा मां रातभर ठंड में शीतगृह परिसर में ही बैठी विलाप करती रही। 24 घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और आर्थिक मदद का भरोसा देकर शांत कराया।
विज्ञापन
नगला गोल निवासी सुमित (23) बुधवार को शीतगृह की पुताई कर रहा था। सीढ़ी टूटने पर वह उसकी वेल्डिंग कराने जा रहा था। तभी शीतगृह के पास सीढ़ी हाईटेंशन तार में छू जाने से करंट लगा और सुमित की मौत हो गई थी। परिजन मुआवजे की मांग कर रहे थे।
बृहस्पतिवार सुबह उपजिलाधिकारी एत्मादपुर संगम लाल गुप्ता, एसीपी हरीपर्वत थाना बरहन मौके पर पहुंचे। विधवा मां को शीतगृह संचालक और शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए और पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उपजिलाधिकारी का कहना है कि परिवार सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद की श्रेणी में आएगा तो हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।