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ज्ञान बांटने को निकली मां, ऋ तु वसंत सी चले बयार

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मैनपुरी। माता सरस्वती के जन्मदिन के अवसर पर मंगलवार रात कवि सम्मेलन का आयेाजन हुआ। शब्द साधना मंच के माध्यम से तपस्थली आवासीय कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। अध्यक्षता मुक्तक सम्राट लाखन सिंह भदौरिया ने की। कवि सम्मेलन का शुभारंभ डॉ अरविंद पाल ने श्वेत वस्त्र की ओढ़ चुनरिया और हंस पर हुई सवार। ज्ञान बांटने को निकली मां ऋतु वसंत सी चले बयार, गीत के साथ की।
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कवि रमेश चंद चक ने पीयूष पीना सभी चाहते पीता कोई गरल नहीं, विजय राजयोगी ने दीन दुखियों के दुख का जनाजा उठा कविता प्रस्तुत की। हरवीर सिंह यादव ने वो धन पद के मद में चूर हो गए, जो सपने सजाए हमने काफूर हो गए, कवि सियालाल शर्मा ने किसान और जवान हो गया राजनीति का चाम, जिसने चाहा लूटा उसने और दिया गहरा फरमान कविता पढ़ी। ओम प्रकाश वर्मा ने गई ऋतु हेमंत ठिठुरन को भयो अंत, आ जाओ घर कंत ऋतु वसंत आई है।
गीतकार सुरेश चौहान नीरव ने गीत बनके जिंदगी में आइए वसंत। प्यार का तराना गुनगुनाए वसंत। कवि राजेंद्र तिवारी, वासुदेव मिश्र लालबत्ती, ऊषा त्रिपाठी, उपेंद्र भोला, विनोद माहेश्वरी ने भी कविता पाठ किया। प्रधानाचार्य रघुराज सिंह पाल और सुरेश चंद्र राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संचालन सुरेंद्र सौरव ने किया। स्कूल प्रबंधक डॉ विमलेश कुमार शर्मा ने सभी कवियों को सम्मानित करके धन्यवाद दिया।
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