कैंट स्टेशन पर गरिफ्त में आई मां-बेटी ने जब बताया कि वे एक दिन में 10 हजार की कमाई करती हैं, तो पुलिस भी हैरान रह गई। ये रकम उन्हें विशाखापत्तनम से दिल्ली तक गांजे की खेप पहुंचाने के लिए मिलती है। जीआरपी ने मां-बेटी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
विशाखापत्तनम से गांजा लेकर दिल्ली जा रहे मां-बेटी समेत चार कैरियरों को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से 40 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत चार लाख रुपये बताई गई है।
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आगरा/इटावा के सीओ जीआरपी दरवेश कुमार ने बताया कि स्टेशनों पर दक्षिण भारत की ओर से आने वाली ट्रेनों में गांजा तस्करी की रोकथाम के लिए खास चेकिंग की जा रही है। इसी अभियान में शनिवार की सुबह विशाखापत्तनम से आई ट्रेन से चार लोग उतरे थे। इनमें दो पुरुष व दो महिलाएं थीं। स्टेशन के पिछले गेट पर तैनात जीआरपी कर्मचारियों ने शक होने पर उनके सामान की तलाशी ली तो चार बैगों में 40 किलो गांजा बरामद हुआ।
पकड़े गए लोगों में रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड के बलविंदर सिंह व सोमरतन, रंजीत कौर और उसकी बेटी संदीप कौर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह विशाखापत्तनम से गांजा खरीदकर दिल्ली जा रहे थे। दिल्ली में उन्हें यह खेप स्टेशन के बाहर एक व्यक्ति को देनी थी। ऊधम सिंह नगर में एक व्यक्ति गांजा मंगवाता है। उन्होंने बताया कि एक खेप के लिए पांच हजार रुपये प्रति व्यक्ति दिए जाते हैं। उन्हें यह नहीं मालूम है कि वह गांजा कहां सप्लाई करता है।
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सीओ जीआरपी दरवेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में ऊधम सिंह नगर के रंजीत का नाम प्रकाश में आया है। उसका मोबाइल नंबर भी मिल गया है। अब टीमें उसकी तलाश करेंगी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोग कैरियर हैं। इनमें मां-बेटी भी प्रतिदिन की 10 हजार रुपये की कमाई के लालच में अपने परिचितों के साथ आई थीं। चारों आरोपी मूल रूप से बरेली के निवासी हैं, लेकिन अब ऊधमसिंह नगर में रह रहे हैं।