ब्रज में एक महीने तक होने वाली होली देश और दुनिया के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यही कारण है कि ब्रज की होली का आनंद लेने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु होली से कई दिन पूर्व मथुरा आ जाते हैं।
श्रद्धालु ब्रज के मंदिरों में ठाकुरजी के श्री विग्रहों के साथ होली खेलने से लेकर बरसाना, नंदगांव की लठामार होली, दाऊजी का हुरंगा आदि विभिन्न आयोजनों में पूरी आस्था के साथ शामिल होंगे और त्योहार का आनंद उठाएंगे।
15 मार्च को बरसाना में लठामार होली को देखने के लिए जहां पिछले वर्ष 15 लाख लोग आए, वहीं इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष 15 लाख लोग होली मनाने के लिए आए थे। इस बार संख्या बढ़ने की संभावना है। इस बार 20 लाख लोगों के होली महोत्सव में पहुंचने का अनुमान है।
ब्रज के मंदिरों को सजाया जाएगा
होली को दर्शनीय बनाने के लिए मथुरा को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। ब्रज के प्रमुख मंदिरों से लेकर छोटे छोटे मंदिरों में भी होली की धूम रहेगी। मंदिरों में ठाकुरजी को ढप की थाप के साथ ही होली के गीत, रसिया सुनाए जा रहे हैं।
मथुरा के साथ ही वृंदावन, बरसाना, गोकुल, नंदगांव, बलदेव आदि मंदिरों में होली को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर बार की तरह इस बार भी बड़ी तादाद में देशी विदेशी भक्त कान्हा के रंग में रंगकर होली का त्योहार मनाने के लिए ब्रज की धरा पर पहुंचेंगे।
होली पर ब्रज के मंदिरों में होने वाले कार्यक्रम
- 10 मार्च को रमणरेती आश्रम की होली।
- 14 मार्च को नंदगांव फाग आमंत्रण महोत्सव।
- 14 मार्च को बरसाना में लड्डू होली।
- 15 मार्च को बरसाना की लठामार होली।
- 16 मार्च को नंदगांव की लठामार होली।
- 17 मार्च को श्रीकृष्ण जन्मस्थान लठामार होली।
- 17 मार्च को बांकेबिहारी होली (रंगभरनी एकादशी)।
- 18 मार्च को गोकुल की छड़ीमार होली।
- 20 मार्च को होलिका दहन, फालैन-जटवारी का पंडा।
- 20 मार्च को चतुर्वेदी समाज का डोला।
- 21 मार्च को धूल होली।
- 22 मार्च को मुखराई का चरकुला नृत्य।
- 22 मार्च कोबलदेव में दाऊजी का हुरंगा।
- 22 मार्च को जाब-नंदगांव का हुरंगा।
- 23 मार्च को बठैन-गिडोह का हुरंगा।