महाशिवरात्रि भगवान शिव के पूजन का सबसे बड़ा पर्व है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। मान्यता है कि इस दिन भगवान भोले को खुश कर लिया तो आपके सारे काम सफल होते हैं और सुख समृद्धि आती है।
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इस बार भगवान शिव के पूजन का महापर्व महाशिवरात्रि सोमवार को मनाया जा रहा है। सोमवार को महाशिवरात्रि पर्व होने पर ज्योतिषाचार्य इसे बेहद शुभ मान रहे हैं। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिवशंकर का अभिषेक होगा और रात्रि जागरण का भी विधान है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अबकी महाशिवरात्रि कई शुभदायी संयोगों के कारण विशेष फलदायी है। तीन मार्च को दिन में 2.10 बजे त्रयोदशी तिथि का संचरण आरंभ हो जाएगा। चार मार्च को दिन में 4.10 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहने के बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी।
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'चतुर्दशी को व्रत रखा जाएगा'
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ऐसे में प्रदोष एवं निशीथ काल मे चतुर्दशी तिथि मिलने से महाशिवरात्रि व्रत पर्व चार मार्च को ही होगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. हरिकृष्ण पाराशर ने बताया कि निर्णय सागर पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि चार मार्च को 4 बजकर 16 मिनट पर प्रारंभ होगी। जो पांच मार्च को शाम सात बजकर छह मिनट तक रहेगी। चतुर्दशी को व्रत रखा जाएगा।
सोमवार की महाशिवरात्रि भगवान भोलेनाथ के व्रत, पूजन, अभिषेक के लिए अत्यंत पुण्य प्रदान करने वाली है। श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय के जप दर्शन, पूजन के साथ-साथ रात्रि जागरण करते हुए शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। सोमवार को चतुर्दश लिंग पूजन के साथ ही वैद्यनाथ जयंती भी मनायी जाएगी। हालांकि, महाशिवरात्रि व्रत का पारण पांच मार्च को किया जाएगा।
पंडित शिव नारायण मुद्गल के मुताबिक भगवान शिव का एक नाम भोले है। उनका पूजन भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार जैसे चाहे करे वे हमेशा प्रसन्न रहते हैं। भक्तों का कल्याण करते हैं। सामान्य रूप से भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक किया जाता है।
भगवान शिव को सफेद चंदन, रोली, मौली, चावल, पान, सुपारी, लौंग, इलाइची, दूध, दही, घी, शहद, चीनी, पुष्प, धतूरा, बेल पत्र, भोग सामग्री और दीपक अर्पित करना चाहिए। महाशिवरात्रि पर रात्रि जागरण का विशेष महत्व है।
महाशिवरात्रि पर भोले बाबा गंगाजल से अभिषेक किया जाता है। युवा कांवड़ लेकर आते हैं और बाबा का अभिषेक करते हैं। इस बार अटूस गांव के युवाओं ने अपनी कांवड़ देश के शहीदों को समर्पित की है। उन्होंने कांवड़ में तिरंगा लगाया है।
उनका कहना है कि पाकिस्तान के दंभ को चूर करने और पायलट अभिनंदन की सकुशल वापसी के लिए भोले बाबा का अभिषेक करेंगे। कांवड़ लाने गए युवाओं में लाखन सिंह, शक्ति सिंह, अजय सिंह, लक्ष्मण सिंह आदि शामिल हैं।