फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: पीएम रोजगार योजना के नाम पर एक सैकड़ा महिलाओं से ठगी, पांच हजार सिक्योरिटी मनी जमा की; हो गए रफूचक्कर

Thu, 22 Aug 2024 08:44 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

तीजनगरी में पीएम रोजगार योजना के नाम पर एक सैकड़ा से अधिक महिलाओं से ठगी की गई। पांच हजार सिक्योरिटी मनी जमा कराकर आरोपी रफूचक्कर हो गए। 
विज्ञापन
ठगी - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर 100 से अधिक महिलाओं को ठगा गया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और जेल भेजा। उन्होंने अपना नाम बदलकर महिलाओं से संपर्क किया था। जिस कंपनी के पैड बनाने का दावा किया, वह कंपनी बंद हो चुकी थी। मामला ताजगंज थाना स्थित गांव श्यामो और दिगनेर का है। 

विज्ञापन


प्रधानमंत्री योजना में 8-8 हजार रुपये हर महीने वेतन दिलाने के नाम पर दिगनेर और श्यामो की 100 महिलाओं से ठगी की गई थी। राहुल और अभिषेक के नाम से दो युवक महिलाओं को मिले थे। बताया था कि एक कंपनी के पैड को पैक करके देने हैं। इसके लिए पांच हजार रुपये सिक्योरिटी में रकम जमा करनी होगी। हर महीने वेतन मिलेगा।

इस पर महिलाएं तैयार हो गई। 20-20 महिलाओं के समूह बनाने पर अलग से कमीशन का भी लालच दिया गया। 1 महीने तक पेड देकर पैक कराए गए। माल भी एक ऑटो से ले जाया गया। मगर, महिलाओं को वेतन नहीं दिया गया। इस पर दो दिन पहले श्यामो गांव की नारायणी देवी ने पुलिस को तहरीर दी थी।
 

मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पेड की पैकिंग के लिए एक रैपर तैयार किया गया था। इसमें एक कंपनी का नंबर लिखा था। इस नंबर की मदद से पुलिस ने कंपनी का पता किया।
 

सामने आया कि कंपनी काफी समय पहले बंद हो चुकी है। आरोपियों ने कंपनी के नाम का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली। इसके बाद दो आरोपियों को पकड़ लिया। उन्होंने अपने असली नाम जमील अहमद निवासी नई बस्ती, मैनपुरी और शाकिर निवासी हसमत नगर, फिरोजाबाद बताए।
 
विज्ञापन

उन्होंने राहुल और अभिषेक नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार किए थे। इनकी मदद से ही महिलाओं से संपर्क करते थे। जो माल तैयार होता था, उसको ऑटो चालकों की मदद से मंगा लेते थे। इस माल को देहात के इलाके में बेचते थे। कीमत काफी कम होने से सेनेटरी पैड की बिक्री आसानी से हो जाती थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें