ताजनगरी में मिले आठ कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए 777 लोगों को घर में पृथक रखा जा रहा है। इनके तौलिया, कपड़े व बाथरूम तक अलग हैं। 14 दिनों के लिए घरों में एकांतवास (कोरेंटाइन) हुए इन लोगों पर 24 घंटे स्वास्थ्य कर्मचारियों की निगरानी है।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि प्रदेश में वायरस का संचरण अभी दूसरी स्टेज में हैं, इसका व्यापक संचरण रोकने के लिए सूबे संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए सभी लोगों को एकांतवास (कोरेंटाइन) किया है। इनकी संख्या 777 है।
आगरा में कुल आठ लोग संक्रमित हुए हैं। शहर में वायरस का संचरण रोकने के लिए इन लोगों को सर्विलांस पर रखा गया है। इन्हें इनके घरों में अलग कमरों में रखा गया है। किसी को मिलने की इजाजत नहीं।
तीन क्षेत्र सुरक्षित, एक में अभी खतरा
आगरा में कोरोना पॉजिटिव मिले आठ केस को चार हिस्सों में बांटा गया है। जिन-जिन क्षेत्रों में यह केस मिले हैं, उन्हें क्लस्टर मानक अलग-अलग एजेंसियां निगरानी कर रही हैं।
खंदारी, कौशलपुर और फतेहाबाद रोड क्षेत्र में मरीज मिले थे, अब यह क्षेत्र सुरक्षित हैं। परंतु आगरा कैंट क्षेत्र अभी संवेदनशील है। 25 मार्च तक यहां घर-घर स्क्रीनिंग की जाएगी।
स्कूल-कॉलेज, कोचिंग दो अप्रैल तक बंद
बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत सरकार ने सभी स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स दो अप्रैल तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है। ताजमहल और आगरा किला समेत देश के सभी एतिहासिक स्मारकों को 31 मार्च बंद कर दिया गया है।
आगरा में कोरोना वायरस के अब तक आठ मामले सामने आ चुके हैं। इनमें छह लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो गए हैं। ये सभी जूता कारोबारी परिवार के सदस्य हैं। इन सभी को इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था। इनमें से चार लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।