कोरोना वायरस से बचने के लिए घर से बाहर जाते वक्त भी सावधानी बरतने की जरूरत है। सार्वजनिक स्थानों पर दरवाजा, हैंडल, रैलिंग समेत अन्य धातु को सीधे छूने से बचें। लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करें, सीढ़ियों से जाएं। लिफ्ट के सीमित क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से वायरस के मौजूद रहने का खतरा अधिक है। हाथों को सैनिटाइज कर ही नाक, मुंह और आंखों को स्पर्श करें।
संक्रमित मरीज के खांसी-छींकने पर थूक के सूक्ष्म कण तांबे पर चार घंटे, हवा में तीन घंटे, लकड़ी पर एक दिन, प्लास्टिक और स्टील पर तीन दिन तक प्रभावी रहते हैं। इनको छूने पर हाथों के जरिये मुंह-नाक, आंख तक वायरस पहुंचने पर संक्रमण का खतरा रहता है।
ऐसे में चिकित्सक लोगों से ऑफिस, ट्रेन, बस और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी की सलाह दे रहे हैं। इनके संपर्क में आने पर हाथों को सैनिटाइज करके ही आंख-नाक और मुंह को छुएं।
दीवार-रैलिंग को छूने से बचें: डॉ. प्रभात अग्रवाल
स्क्रीनिंग टीम के सदस्य डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि रैलिंग-दीवारों को बिना छुए ही सीढ़ियों पर चढे़ं। लिफ्ट में लोग बेहद नजदीक रहते हैं, अगर कोई संक्रमित है खांसता-छींकता है तो सामने वाले को ज्यादा खतरा है।
बेवजह नाक, कान, मुंह को न छुएं: डॉ. एसके वर्मा
सैंपल कलेक्शन के नोडल अधिकारी डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि बिना सैनिटाइज किए हाथों को बेवजह शरीर के अंगों को न छुएं। घर के बाहर किसी धातु को छूते हैं, वहां वायरस है तो हाथों के जरिये संक्रमित कर सकता है।
एक घंटे में स्पर्श:
अंग कितनी बार कितनी देर तक
कान एक बार एक से 20 सेकंड
गर्दन एक बार एक से 23 सेकंड
नाक तीन बार एक से 10 सेकंड
बाल चार बार एक से 10 सेकंड
आंखें तीन बार एक से 53 सेकंड
ठोड़ी चार बार एक से 10 सेकंड तक
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार
इनसे है खतरा:
- छींकने-खांसने से थूक की सूक्ष्म बूंदें छह फीट तक पहुंचती हैं।
- संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर 10 मिनट से दो घंटे के बीच संक्रमण संभव।
- संक्रमित जगहों को छू लेने से कोरोना की आशंका कम, ज्यादातर वायरस कुछ घंटों में ही कम हो जाते हैं।