लोगों की सोच को बदलने के लिए शिया-सुन्नी को आपसी झगड़े भूलकर बच्चों को शिक्षित करने पर जोर देना होगा। इसके लिए समाज के संपन्न लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अच्छे विद्यालय खोलने होंगे। यह कहना है नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां।
शुक्रवार को न्यू आगरा स्थित मजार सालिस ए शहीद के जीर्णोद्धार के कार्यों का शुभारंभ करने के बाद वे लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर मोबाइल क्रांति का है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुगल के माध्यम से अमेरिका के निशाने पर हर किसी का सिर और घर है। कहा कि अगली जंग हथियारों से नहीं बल्कि तकनीक की होगी। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि एक बार लोग इस विवि में आकर देखें कि नाममात्र के खर्च पर बच्चे कितनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ले रहे हैं।
आजम ने कहा कि जौहर विवि में वे देश का अब तक सबसे बेहतरीन मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे भी अपने शहर में ऐसे विद्यालय खोलें जहां मुस्लिम समाज के बच्चों को अच्छी तालीम मिल सके। उन्होंने मीडियाकर्मियों पर निशाना साधते हुए भड़काऊ बातें कहीं।
ये लोग मेरे सम्मान में नहीं बल्कि मुझे और मेरे माध्यम से आपको जलील करने आते हैं। सांसद मुनव्वर हसन ने भी लोगों को संबोधित किया।
एएमयू के लिए कौम को खड़ा होना होगा
आजम खां ने कहा कि पिछले दिनों जब केंद्र सरकार द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का अल्पसंख्यक दर्जा खत्म किए जाने की कवायद की गई तो कौम मौन रही। कहा कि हमारी खामोशी ही हमारी बर्बादी का सबब बन रही है। आजम ने कहा कि हुकूमत ने एएमयू के माध्यम से नब्ज पर हाथ रखकर देखा है। आज एएमयू का दर्जा खत्म करने की बात की जा रही है तो कल शरीयत भी बदल सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां का महापौर इंद्रजीत सिंह आर्य, सपा महानगर अध्यक्ष रईसउद्दीन, पप्पू राघव, विमल जैन, श्याम भोजवानी, सौरभ गुप्ता, रजत शर्मा, चंद्रसेन टपलू, अनूप यादव आदि ने स्वागत किया।