गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तो जल्दी आ
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विघ्न विनाशक को विदाई देने के लिए पावन यमुना के घाटों पर गुरुवार को मेला लगा रहा। ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते, गाते लोग गुलाल उड़ाते हुआ यमुना के घाटों पर पहुंचे। वहां विधि विधान से पूजन के बाद अगले वर्ष जल्दी आने का निमंत्रण देते हुए यमुना के किनारे बनाए गए कुंडों में प्रतिमा का विसर्जन किया। गौरी पुत्र को विदाई देते समय कई लोगों की आंखें छलक पड़ीं।
गणेश पंडाल और अपने घरों पर 11 दिन तक मंगलमूर्ति की सेवा सत्कार करने के बाद सुबह से प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकलना प्रारंभ हो गया था। बड़े ट्रकों पर लाउड स्पीकर लगाकर लोग घाटों पर पहुंचे तो तमाम लोग पैदल की गणेश प्रतिमा को लेकर आए। महिलाएं, युवा, बच्चे, वृद्ध सभी जोश में गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे। घाटों पर पहुंचकर जमकर डांस हुआ। चारों ओर गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ... जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा... गण नायक, गजानन.. का घोष था। उसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारी गई। हाथी घाट पर शाम चार बजे तक करीब 1700 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। यहां दो कुंड बनाए गए थे। दशहरा घाट, कैलाश घाट पर और बल्केश्वर घाट पर भी अस्थायी कुंडों में विसर्जन किया गया। प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम रात करीब 8.30 बजे तक चला। एक अनुमान के मुताबिक इन सभी घाटों पर करीब देर शाम तक करीब 5000 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। हाथी घाट पुलिस प्रतिमा विसर्जन से पहले उनकी एंट्री कर रही थी। पर्यावरण प्रेमी, यमुना बचाओ संघर्ष समिति के अश्वनी मिश्रा की ओर वहां व्यवस्था की गई थी।
पुलिस की मुस्तैदी से नहीं लगा जाम
आगरा। पिछले वर्षों में लगे जाम से पुलिस, प्रशासन ने सबक लिया। यमुना किनारा रूट डायवर्जन की वजह से वहां वाहनों की रफ्तार तो थमी लेकिन जाम के हालात पैदा नहीं हुए। सिकंदरा रोड पर पिछले वर्षों की तुलना में कुछ राहत रही लेकिन हाईवे से लेकर कैलाश मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर दिन भर जाम लगा रहा। बल्केश्वर कालोनी में जाम के हालात रहे। वाटर वर्क्स पर पुल के निर्माण कार्य और विसर्जन शोभायात्राओं की वजह से जाम के हालात रहे लेकिन पुलिस की मुस्तैदी की वजह जनता को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। कैलाश, बल्केश्वर और हाथी घाट पर पुलिस फोर्स तैनात रहा। विसर्जन शोभायात्राओं में आने वालों को यमुना नदी की ओर जाने दिया जा रहा था।