अभी तक नहीं उठाए गए ठोस कदम
रेलवे स्टेशन से लेकर रेलवे कालोनियां एवं शहर तक के बंदरों को पकड़वाने और उनकी नसबंदी कराने के लिए कई बार सामाजिक संगठनों ने रेल अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन से मांग की है, लेकिन अभी तक इस दिशा में रेल अधिकारियों व सिविल अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। जिसके चलते बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है।
शिकोहाबाद के यात्री महेशचंद्र शर्मा ने बताया कि अभी तक हमने रेलवे स्टेशनों पर बंदरों को नहीं देखा। टूंडला रेलवे स्टेशन हमारे अब तक के सफर में ऐसा है, जहां बंदरों की भरमार है। वे इर्द गिर्द घूमते हैं, सामान छीन ले जाते हैं, जिन्हें देखकर डर लगता है।
टूंडला के स्टेशन अधीक्षक सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि हमने वरिष्ठ अधिकारियों को स्टेशन पर बढ़ रहे बंदरों के हमले की जानकारी दी है। उनके आदेशों के बाद ही बंदरों की नसबंदी या फिर उन्हें पकड़वाने का इंतजाम किया जाएगा।