बिना जूतों के ही स्कूल पहुंच रहे बच्चे
परिषदीय स्कूलों के बच्चों के अभिभावकों के खातों मे धनराशि न पहुंचने के कारण बच्चों को जूते भी अभिभावक उपलब्ध नहीं करा सके हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को देखा जा रहा है कि व सर्दियों के बीच भी बिना जूतों के ही चप्पल में स्कूल पहुंच रहे हैं।
शिविर लगाकर आधार बनवाने के हैं आदेश
शासन ने छात्र-छात्राओं के आधार की समस्या को दूर कराने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूलों में शिविर लगाकर आधारकार्ड बनवाने के आदेश दिए हैं लेकिन इसके बाद भी 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जिनके आधार में या तो संशोधन नहीं हो सका या फिर आधार ही नहीं बन सका। वहीं अभिभावकों के खातों को सक्रिय बनाने के लिए भी प्रधानाध्यापकों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे अभिभावकों को बैंक ले जाकर उनके खाते सक्रिय कराएं लेकिन इसके बाद भी यह काम पूरा नहीं हो सका।
बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि धनराशि आवंटित करने के लिए शासन स्तर से ऑनलाइन व्यवस्था है। कई बार प्रधानाध्यापकों और खंड शिक्षाधिकारियों को संशोधन आदि के लिए आदेश जारी किए गए। कुछ अभिभावक भी लापरवाही कर रहे हैं वे जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहे और बैंक जाने को तैयार नहीं हैं जिसके चलते यह समस्या है। प्रयास जारी हैं शीघ्र ही सभी का संशोधन कराया जाए जिससे कि धनराशि उनके खातों में पहुंच सके।