कासगंज। शहर में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। सार्वजनिक स्थलों पर खड़ी बाइकों के थैले खंगालकर कागजात व अन्य सामान को नुकसान पहुंचाते है। गली-मोहल्लों में सड़क पर बैठा बंदरों का झुंड राहगीरों को आवागमन में परेशान करता है। लोगों की शिकायत के बावजूद नगर पालिका और वन विभाग उदासीन बना हुआ है।
बंदरों का झुंड तहसील परिसर, बैंकों, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, मंदिर और पार्क में बैठा रहता है। वहां पर खड़ी बाइकों में लगे थैलों में रखे कागजात व अन्य सामान को निकाल कर ले जाते हैं। खाने की सामग्री न मिलने पर नाराज होकर वह कागजातों को फाड़ देते हैं। सोमवार दोपहर 3:40 बजे गांव खुशहालपुर निवासी राकेश कुमार स्टेट बैंक में किसी आवश्यक कार्य के लिए आए थे। बैंक के बाहर खड़ी बाइक के थैले से कागजात निकालकर बंदर ले गए और उन्हें फाड़ दिया। वहीं, गली स्टैट बैंक, गली छोकरिया, स्टेट बैंक गली, चित्रगुप्त काॅलोनी, लालपुर, रेलवे काॅलोनी सहित अन्य स्थानों पर बंदर घर में घुस जाते हैं। आए दिन वह घरों से सामान उठाकर ले जाते हैं। सड़क से गुजरते समय बंदर लोगों पर हमला कर देते हैं। इससे वह घायल हो जाते हैं। लोगों ने कई बार इस संबंध में नगर पालिका और वन विभाग से शिकायत की, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। अभय यादव, नरेश कुमार, राहुल प्रिय विद्यार्थी, चंदन भारद्वाज, प्रदीप राज ने बताया कि बंदरों के उत्पात से लोगों में आक्रोश है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन और वन विभाग से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।