एक अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना 2021 की तैयारियों की समीक्षा मंडलायुक्त अनिल कुमार और निदेशक, जनगणना कार्य एवं संयुक्त महारजिस्ट्रार नरेंद्र शंकर पांडेय ने विकास भवन सभागार में की। उन्होंने बताया कि पहली बार मोबाइल एप से जनगणना की जा रही है। प्रगणकों का प्रशिक्षण जल्द पूरा किया जाए।
जनगणना कार्य के निदेशक नरेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि आगरा मंडल में 15 मास्टर ट्रेनर्स का वृहद प्रशिक्षण लखनऊ में कराया जा चुका है। मास्टर ट्रेनर हर जिले में प्रगणकों, सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कराएंगे। जनगणना कार्य से इनकार करने और लापरवाही करने पर तीन साल की सजा एवं एक हजार रुपये का जुर्माना का प्रावधान भी है।
निराश्रित से संबंधित सूचना 30 जून के उपरांत और एक जुलाई से पहले सुनिश्चित करें। इसकी मीडिया कवरेज करवाई जाए, ताकि लोग इसके महत्व को समझ सकें। इसके लिए मंडल व जिला स्तर पर मीडिया वर्कशाप करवाई जाए।
30 मार्च तक पूरा हो जाएगा प्रशिक्षण
मंडलायुक्त ने बताया कि जनपद स्तर पर चार्ज अधिकारियों, प्रगणकों एवं सुपर वाइजर लेवल स्टॉफ का पांच दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू होकर 30 मार्च तक पूरा होगा। सात मार्च को वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा होगी।
सहायक निदेशक, जनगणना कार्य डॉ. गौरव पांडेय ने बताया कि देश में 16वीं और स्वाधीनता के बाद आठवीं बार होने वाली जनगणना में मोबाइल एप से सूचनाएं एकत्रित की जाएंगी। इसके बाद इन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
गांव, मलिन बस्तियों का चिह्नांकन और पुर्नसत्यापन कराने के बाद इसके मानचित्र भी उपलब्ध करवाए जाएं। बैठक में सीडीओ जे.रीभा, एडीएम रमेशचंद्र, निधि श्रीवास्तव, अपर सांख्यिकी अधिकारी सुभाषचंद्र, जितेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।