मंटोला में बिजली की केबल अंडरग्राउंड करने वालों को तगड़ा झटका लगने वाला है। विरोध को दरकिनार करते हुए केबल अंडरग्राउंड करने का कार्य जल्द शुरू होगा। प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। साथ ही खुफिया विभाग की मदद से विरोध करने वाले चिह्नित किए जा रहे हैं। हालांकि इससे पहले एक बार फिर स्थानीय लोगों को बातचीत का मौका दिया जाएगा।
पिछले दिनों मंटोला क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबल डालने पहुंची टोरंट की टीम को क्षेत्रीय लोगों ने खदेड़ दिया था। कार्य को फिर से शुरू कराने के लिए रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थानीय लोगों की बैठक होनी थी, लेकिन विरोध कर रहे पूर्व मंत्री चौधरी बशीर नहीं पहुंचे और न ही कोई अन्य। इसके चलते एक बार फिर से बैठक टल गई। सिटी मजिस्ट्रेट संदीप गुप्ता का कहना है कि मंटोला क्षेत्र में जल्द ही पुलिस की मदद से अंडरग्राउंड केबल डालने का कार्य शुरू किया जाएगा। इससे पहले लोगों को बैठक के लिए एक बार फिर से आमंत्रित किया जाएगा, जिससे कि आम सहमति बन सके।
इधर, सूत्रों की मानें तो खुफिया विभाग से माहौल खराब करने वाले चिह्नित कराए जा रहे हैं। इसकी सूची लगभग तैयार हो चुकी है। इसमें कुछ नेताओं के भी नाम हैं। इनके खिलाफ कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि मंटोला और ढोलीखार के आठ ट्रांसफार्मरों से जुड़े उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे।
चमका रहे नेतागिरी
टोरंट के कार्य में बाधा डालकर कुछ लोग क्षेत्र में अपनी नेतागिरी चमका रहे हैं। चुनाव नजदीक देख वे लोगों की सहानुभूति बटोरने के लिए विरोध को हवा दे रहे हैं।
चुनावी प्रचार में सिमटी सभा
टोरंट के साथ बैठक करने के बजाय पूर्व मंत्री चौधरी बशीर ने मंटोला तिराहे पर स्थानीय लोगों के साथ रायशुमारी के लिए बैठक बुलाई। इसमें चर्चा तो टोरंट को कार्य करने देने या न करने देने पर होनी थी लेकिन बैठक में चुनावी चौपाल बनकर रह गई। यहां नेता अपनी उपलब्धियां गिनाने लगे। इसका कुछ लोगों ने विरोध किया। लोगों के विरोध के बाद बैठक का मुद्दा बदलकर टोरंट पर चर्चा शुरू हुई। बताया जा रहा है कि इसमें चुनाव बाद टोरंट के साथ बैठक करने का फैसला हुआ है। हालांकि इसकी जानकारी न तो टोरंट को दी गई और न ही प्रशासन को।