कासगंज। जिला के मतदाताओं ने एमएलसी चुनाव में लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना जजबा दिखाया, जिसके चलते आगरा खंड क्षेत्र के लिए एमएलसी के संपन्न हुए चुनाव में जिला के गुरुजी मतदान करने में अब्बल रहे। वहीं स्नातक मतदाताओं ने भी खंड क्षेत्र में वोट डालने में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
विधान परिषद के लिए शिक्षक व स्नातक के लिए 12 जनपदों को मिलाकर आगरा खंड बना हुआ है। इस चुनाव में शिक्षक पद के लिए 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे। इन प्रत्याशियों के लिए जिला के 988 शिक्षकों को अपना मतदान करना था। मतदान करने में जिला के शिक्षक काफी उत्साहित रहे। कुल मतदाताओं में से 802 शिक्षकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिससे जिला का मतदान प्रतिशत 81.17 रहा।
यह मतदान प्रतिशत खंड क्षेत्र के 12 जनपदों में सबसे अधिक है। इसी तरह स्नातक चुनाव के लिए 22 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे। इन प्रत्याशियों में से अपना प्रतिनिधि चयन करने के लिए जिला के 10520 मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था। मतदान के दौरान 5337 स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने बूथों तक पहुंचे।
इससे जिला का मतदान प्रतिशत 50.73 रहा। इस मतदान प्रतिशत से जिला के मतदाता दूसरे स्थान पर रहे। स्नातक मतदाताओं में फर्रुखाबाद के मतदाताओं ने ही 54.08 प्रतिशत मतदान कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा अन्य किसी जनपद के स्नातक मतदाताओं नेे 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार नहीं किया।
सहावर के मतदाताओं ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कासगंज। मतदान में शिक्षक एमएलसी में प्रथम व स्नातक एमएलसी में द्वितीय स्थान दिलाने में सहावर के मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला में सहावर के 58 शिक्षकों में से 55 शिक्षक वोट डालने के लिए बूथ तक पहुंचे। जिससे शिक्षकों का मतदान प्रतिशत 94.83 रहा। वहीं 825 स्नातक मतदाताओं में से 515 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसे मतदान का प्रतिशत 62.42 रहा।
महिलाओं में सहावर की शिक्षिका व सोरों की स्नातक रहीं अव्वल
कासगंज। एमएलसी के चुनाव में जिला में महिला मतदाताओं का प्रतिशत पुरुष मतदाताओं से कम रहा। शिक्षक मतदाताओं में पुरुषों ने 83.09 प्रतिशत के औसत से मतदान किया। जबकि महिलाओं का मतदान प्रतिशत 73.03 प्रतिशत रहा। वहीं सहावर की सभी आठ शिक्षिका मतदान करने के लिए बूथ तक पहुंची। इससे उनका मतदान प्रतिशत 100 रहा।
इसी तरह से स्नातक मतदाताओं में पुरुष मतदाताओं ने 55.08 प्रतिशत के औसत से वोट डाले। वहीं शिक्षिकाओं का मतदान प्रतिशत 41.76 रहा। जिसमें सोरों की महिला स्नातक का वोट प्रतिशत 51.57 रहा। जबकि सहावर की महिला स्नातक ने दूसरे नंबर पर 51.02 प्रतिशत मतदान किया। अन्य किसी बूथ पर महिला स्नातकों का आंकड़ा 50 प्रतिशत को पार नहीं कर सका।