विकास कार्यों का श्रेय लेने के मामले में अभी फतेहपुर सीकरी के सांसद बाबूलाल और आगरा के सांसद रामशंकर कठेरिया के बीच शुरू हुआ शीत युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ और अब आगरा उत्तर के विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विधायक का कहना है कि क्षेत्र की कई सड़कें ने विधानसभा में मामला उठाकर स्वीकृत कराई हैं और उनके निर्माण के बाद मेयर और निगम के अधिकारियों के नाम की पट्टिका लगाई जा रही है। विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने बताया कि नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से मिलकर उन्होंने अपनी विधानसभा में कई सड़कें पास कराई हैं।
इनमें वीर कालोनी दयालबाग की सड़क के लिए 31.90 लाख रुपये, कर्मयोगी फव्वारे से वैभव रेजीडेंसी तक की सड़क के लिए 32.79 लाख रुपये, दयालबाग में डा. कुंटे वाली सड़क के लिए 15 लाख रुपये, गोपाल कुंज कमला नगर की सड़क के लिए 19.70 लाख रुपये, फ्रैंडस एन्कलेव दयालबाग के लिए 30.34 लाख रुपये स्वीकृत कराए थे।
हाल ही में नगर निगम ने वीर नगर में सड़क का निर्माण कराया तो वहां निर्माण के बाद पट्टिका पर उनका नाम तक नहीं है। मेयर नवीन जैन, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता सहित कई लोगों के नाम हैं। इससे विधायक सख्त नाराज हैं।
जगन प्रसाद ने कहा कि निगम के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर रहे हैं। इस मामले में लेटर तैयार कर लिया है, सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी।
जगन प्रसाद गर्ग का कहना है कि वीर नगर में लगी नाम पट्टिका में मेयर नवीन जैन, पार्षद, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता तक के नाम है। क्या अधिकारियों को चुनाव लड़ना है, जो सभी अपने नाम लिखवाते हैं।
देर रात हट गई नाम पट्टिका
ये अधिकारी हैं नेता बनने की कोशिश क्यों कर रहे हैं। अधिकारियों नाम से क्या लेना देना है, और तो और मेरी विधानसभा के कार्यों में जो पट्टिकाएं लग रही हैं,
वह नगर निगम से बनाई जा रही हैं। उनका पैसा सीधे लखनऊ से स्वीकृत हुआ है। विधायक की नाराजगी जाहिर होने के बाद अधिकारियों में अफरातफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि देर रात में उस पट्टिका को वहां से हटवा दिया गया है। निगम के एक अधिकारी ने विधायक से देर रात वार्ता कर नई पट्टिका लगवाने का भरोसा दिया है।