यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल को जारी होगा। इसमें कुछ परीक्षार्थियों के हिस्से सफलता तो कुछ के हिस्से असफलता भी आएगी।
कुछ सम्मान के साथ उत्तीर्ण हो सकते हैं। विशेषज्ञों की परीक्षार्थियों के लिए सलाह है कि परिणाम जैसा भी आए, नकारात्मक भाव नहीं लाने की जरूरत है।
खुद का मूल्यांकन कर और अधिक मेहनत के लिए प्रेरित होना चाहिए। मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के मनोवैज्ञानिक रामसेवक का कहना है कि परीक्षार्थी को अपना ही परिणाम देखना चाहिए।
स्व मूल्यांकन करना चाहिए। दूसरे परीक्षार्थियों के अंकों से तुलना नहीं करना चाहिए। किसी के अंक देखकर हताश होने के बाद यह संकल्प लेना चाहिए कि आगे की परीक्षाओं में खुद को साबित करना है।
हीन भावना मन में नहीं लानी चाहिए। अभिभावकों को भी बच्चों के कम अंक आने पर या असफल होने पर भी बच्चों के साथ लचीला व्यवहार करना चाहिए।
श्री रत्नमुनि जैन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल कुमार वशिष्ठ का कहना है कि परीक्षकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के अनुसार इस बार हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 35 से 40 फीसदी और इंटरमीडिएट का परिणाम 25 से 30 फीसदी के बीच रहना चाहिए।
विद्यार्थी ने जिस तरह की मेहनत की होगी, उसका परिणाम उसी के अनुरूप आएगा। कम अंक लाने वाले व असफल होने वाले विद्यार्थियों को परिणाम के प्रति सकारात्मक भाव रखना चाहिए।
146406 परीक्षार्थियों का परिणाम आना है
29 अप्रैल को जिले के 146406 परीक्षार्थियों का परिणाम आना है। हाईस्कूल में 77563 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें 46987 बालक, 30576 बालिकाएं हैं।
इंटरमीडिएट में 68843 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 41446 बालक और 27397 बालिकाएं हैं। परीक्षा के दौरान सख्ती होने से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा भी छोड़ दी थी।