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Mission Shakti: 'उत्पीड़न पर खामोशी अपराध को देती है बढ़ावा, बेझिझक पुलिस से करें शिकायत'

Sat, 24 Oct 2020 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • मिशन शक्ति के कार्यक्रम में मौजूद समाज सेविकाएं और हेल्प लाइन नंबर कोऑर्डिनेटरों ने बेटियों को दिया संदेश, कहा- पुलिस पर करें भरोसा, पूरा
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मिशन शक्ति के कार्यक्रम में महिलाएं और अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के थाना हरीपर्वत में शुक्रवार को आयोजित हुए मिशन शक्ति कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र में कार्य करने वाली समाज सेविकाएं शामिल हुईं। उन्होंने बेटियों और महिलाओं को संदेश दिया कि उत्पीड़न पर खामोशी बड़े अपराध को जन्म देती हैं। इससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है और शोषण भी। 

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जरूरी है कि खुद मजबूत बनें और उत्पीड़न, घरेलू उत्पीड़न और यौन हिंसा पर मुखर हों। पुलिस थाने, हेल्प लाइन नंबर या फिर सामाजिक संगठनों को फोन कर शिकायत करें। पुलिस आपके साथ है और मददगार भी, खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बेटियों की सुरक्षा के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। 


पुलिस से डरें नहीं बल्कि हमदर्द समझें
जीवन आधार वेलफेयर सोसाइटी की डॉ. मंजू गुप्ता ने कहा कि बेटियां पुलिस से डरें नहीं, बल्कि उन्हें हमदर्द समझें। छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, हिंसा समेत किसी भी परेशानी पर सीधे पुलिस से संपर्क करें।  
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खुद हों मजबूत, पुलिस पर करें भरोसा
उड़ान संस्था की कीर्ति चाहर ने कहा कि योगी सरकार बेटियों के प्रति बेहद संवेदनशील है। उत्पीड़न के खिलाफ खुद मजबूत बनें और खुद को मजबूत करें और पुलिस पर भरोसा करें, आपकी पूरी मदद करे।

आत्मनिर्भर बनें, बढ़ेगा मनोबल
आत्मनिर्भर सेवा संस्थान की सोमा सिंह ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना होगा। इससे आत्मविश्वास बनेगा और अन्याय के खिलाफ हिम्मत जुटेगी। खुद पर जुल्म होने पर सबसे आगे कदम बढ़ाएं, पुलिस साथ है।

घनी आबादी में शिक्षा-सेहत पर दिया जाए जोर
विनायक महिला एवं बाल उत्थान की अध्यक्ष विनीता जादौन ने कहा कि मलिन बस्तियों में अभी हालत खराब है। बेटियों की शिक्षा और सेहत पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इन क्षेत्रों में और जागरूकता की जरूरत है।

सेल्फ डिफेंस सीखें, पुलिस की मदद लें
आशीर्वाद चाइल्ड डिफेंस सोसाइटी की तुषा शर्मा ने कहा कि बेटियां मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनें। सेल्फ डिफेंस अनिवार्य हो, शोहदों को सबक सिखाने के लिए पुलिस की मदद लें।

हेल्प लाइन नंबर का प्रचार हो
नटरांजलि की अल्का सिंह ने कहा कि छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं के लिए सरकार की हेल्प लाइन संचालित हैं, इसके प्रचार-प्रसार के नुक्कड़ नाटक कराएं जाएं।

महिलाएं खुद का रखें ख्याल, सेहतमंद रहें
इंडियन रोटी बैंक की कॉर्डिनेटर सविता खंडेलवाल ने कहा कि महिलाएं अपने खाने-पीने पर ध्यान दें। पूरे परिवार का ख्याल तभी रख पाएंगी, जब आप स्वस्थ और सेहतमंद होंगी।

उत्पीड़न पर पुलिस को करें फोन
विजन इंडिया की रीता ने कहा कि उत्पीड़न और छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज उठानी होगी, इसके लिए महिलाओं को खुद से पहल करनी होगी। उनका सहयोग देने के लिए संगठन और पुलिस मौजूद है। 
 

सरकारी योजनाओं का लाभ लें
महिला कल्याण अधिकारी वर्तिका दीक्षित ने कहा कि हेल्प लाइन नंबर, स्वरोजगार के लिए तमाम योजनाएं हैं, महिलाएं इनका लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इससे खुद ही नहीं दूसरों के रोजगार का भी जरिया बना सकती हैं।

उत्पीड़न, अपराध के खिलाफ मुखर हों
डीपीओ की सामाजिक काउंसलर रुबीना नादर का कहना है कि उत्पीड़न, यौन हिंसा और तमाम अपराधों पर बेटियां मुखर होंगी तो निश्चित ही अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। सरकार और पुलिस उनकी मदद के लिए तैयार हैं।

बच्चों की निगरानी रखें, आसानी से बनाते शिकार
चाइल्ड लाइन 1098 की ऋतु वर्मा ने बताया कि बच्चों की निगरानी बेहद जरूरी है। उनके साथ हिंसा और यौन उत्पीड़न के मामलों में परिचित ही सबसे ज्यादा होते हैं। इनमें सगे-संबंधी और पड़ोसी ज्यादा पाए गए हैं।
 
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उत्पीड़न पर महिलाएं 181 पर करें फोन
स्टॉप सेंटर 181 वुमेन हेल्प लाइन की रुचि सिंह ने कहा कि महिलाएं उत्पीड़न और किसी भी अपराध के खिलाफ हेल्प लाइन पर  फोन कर सकती हैं। उनको तत्काल मदद दी जाएगी, दोषियों पर कार्रवाई भी करवाई जाएगी। 

घरेलू हिंसा का न सहें, तत्काल मदद लें 
फैमिली वेलफेयर की प्रमिला शर्मा का कहना है कि घरेलू हिंसा पर चुप्पी जानलेवा भी साबित होती है। महिलाओं को इसका मुकाबला करना चाहिए। पुलिस और हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
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