फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा कॉलेज घोटाले की जांच शुरू, प्रोफेसर समेत सात पर है करोड़ों के गबन का आरोप

Sat, 24 Oct 2020 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
आगरा कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

आगरा कॉलेज में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुरू कर दी है। पिछले साल लोहामंडी थाने में आगरा कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डीपी शर्मा की शिकायत के बाद हुई जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन प्रोफेसर समेत सात पर एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में बिना कोटेशन के आधार पर करोड़ों रुपये की खरीद का आरोप है।

विज्ञापन


एमडी रोड स्थित साहित्य कुंज निवासी डीपी शर्मा का आरोप था कि आगरा कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने अपने सहयोगियों तत्कालीन डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी संकाय डॉ. एसी अग्रवाल, प्रभारी केंद्रीय क्रय समिति विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर वनस्पति विज्ञान डॉ. पीबी झा, मुख्य संरक्षक छात्रावास एसोसिएट प्रोफेसर भौतिक विज्ञान डॉ. बीके चिकारा, संयोजक सेमिनार विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर राजनीति शास्त्र डॉ. अरुणोदय बाजपेई के साथ मिलकर ई-टेंडर और जेम पोर्टल का उपयोग किए बिना ही करोड़ों रुपये की अवैधानिक खरीद-फरोख्त की। फिर कागजों में व्यय दर्शाकर चार से छह करोड़ रुपये कमीशन भी खाया।

विज्ञापन

पहली जांच में दोषी मिलने पर दर्ज कराई रिपोर्ट

आगरा कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में छह जुलाई 2018 को जिलाधिकारी आगरा व 27 अगस्त 2019 को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की गई थी। जिस पर डीएम ने जांच को तीन सदस्यीय समिति बनाई। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, मुख्य कोषाधिकारी थे। वहीं दूसरी ओर शासन ने राजकीय महिला महाविद्यालय आंवलखेड़ा आगरा के प्राचार्य प्रोफेसर संजीव भारद्वाज से भी जांच करवाई। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। करोड़ों का घोटाला होने के चलते मामले को ईओडब्ल्यू ट्रांसफर किया गया।

विवेचना ईओडब्यू को सौंपी

एसपी ईओडब्ल्यू बाबूराम ने बताया कि शासन ने आगरा कॉलेज में खरीदारी व अन्य कार्यों में अनियमितता और गबन के आरोप में दर्ज एफआईआर की विवेचना ईओडब्यू को सौंपी है। पत्रावलियां व अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें