आगरा कॉलेज में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुरू कर दी है। पिछले साल लोहामंडी थाने में आगरा कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डीपी शर्मा की शिकायत के बाद हुई जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन प्रोफेसर समेत सात पर एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में बिना कोटेशन के आधार पर करोड़ों रुपये की खरीद का आरोप है।
एमडी रोड स्थित साहित्य कुंज निवासी डीपी शर्मा का आरोप था कि आगरा कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने अपने सहयोगियों तत्कालीन डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी संकाय डॉ. एसी अग्रवाल, प्रभारी केंद्रीय क्रय समिति विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर वनस्पति विज्ञान डॉ. पीबी झा, मुख्य संरक्षक छात्रावास एसोसिएट प्रोफेसर भौतिक विज्ञान डॉ. बीके चिकारा, संयोजक सेमिनार विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर राजनीति शास्त्र डॉ. अरुणोदय बाजपेई के साथ मिलकर ई-टेंडर और जेम पोर्टल का उपयोग किए बिना ही करोड़ों रुपये की अवैधानिक खरीद-फरोख्त की। फिर कागजों में व्यय दर्शाकर चार से छह करोड़ रुपये कमीशन भी खाया।