डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध राजा बलवंत सिंह महाविद्यालय (आरबीएस) के स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कॉलेज हमेशा से कृषि के छात्रों की पहली पसंद है। यहां हर साल बीएससी कृषि की प्रत्येक सीट के लिए 10 से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं।
इसके लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पहले वेब रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसके बाद कॉलेज की वेबसाइट rbscollegeagra.edu.in पर जाकर प्रवेश फॉर्म भरा जा सकता है। मेरिट के आधार पर छात्र-छात्राओं के प्रवेश लिए जाएंगे।
आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विजय श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन व प्रत्यायन परिषद (नैक) से ए-प्लस ग्रेड प्राप्त है। यह कॉलेज वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त है। आरबीएस संस्था की शुरूआत वर्ष 1885 में हुई थी। वर्ष 1940 में कॉलेज के रूप में मान्यता मिली।
कॉलेज के 5 परिसर
प्रो. विजय श्रीवास्तव ने बताया कि कॉलेज के पांच परिसर हैं। खंदारी परिसर स्थित मुख्य परिसर में प्रशासनिक भवन, कला, वाणिज्य, विज्ञान संकायों के साथ पुस्तकालय है। खंदारी हाउस में बीएड व एमएड के साथ छात्रावास बीसीए, एमबीए, एमसीए की कक्षाएं लगती हैं। बिचपुरी परिसर में कृषि के पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसी परिसर में इंजीनियरिंग संकाय है। शोध कार्य के लिए कृषि फार्म है। एक परिसर एटा जिले के अवागढ़ में है। यहां कृषि विज्ञान केंद्र है। एनएसएस की सात इकाइयां, एनसीसी व रोवर्स एंड रेंजर्स की इकाइयां हैं।
पूर्व छात्रों में 21 कुलपतियों का नाम
आरबीएस कॉलेज के पूर्व छात्रों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह, आईसीएआर के पूर्व निदेशक डॉ. ओपी गौतम के अलावा कॉलेज के पूर्व छात्रों में विभिन्न विश्वविद्यालयों के 21 कुलपतियों का नाम शामिल हैं। इसमें प्रो. आरके सिंह, डॉ. जीसी सक्सेना, प्रो. बीके सिंह, प्रो. पंजाब सिंह, प्रो. ध्यानपाल सिंह, प्रो. डीआर सिंह, प्रो. एससी मुद्गल, प्रो. जेपीएस यादव, प्रो. राजेश धाकरे, प्रो. आरपी सिंह, प्रो. एचएस राठौर, प्रो. मंगला राय, प्रो. बीएस राजपूत, प्रो. जीके मेहता, प्रो. पीएन सिंह, प्रो. बीआर त्रिपाठी, प्रो. केएस मिश्रा, डॉ. वीबी सिंह, डॉ. डॉ. एनसी गौतम, प्रो. डीपी सिंह आदि हैं।
परास्नातक के पाठ्यक्रमों में सीटें
एमए हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, संस्कृत, भूगोल, मनोविज्ञान, राजनीतिशास्त्र में 70-70 सीटें हैं। एमकॉम लेखा एवं विधि, व्यापार प्रशासन, व्यावहारिक व्यावसायिक अर्थशास्त्र में 70-70, एमएससी वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, सीड टेक्नोलॉजी व बायोटेक्नोलॉजी में 30-30 सीटें हैं। एमएससी शस्य विज्ञान, उद्यान, कृषि अर्थशास्त्र, कृषि प्रसार, कृषि जंतु एवं कीट विज्ञान व आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन में 18-18 सीटें हैं। कृषि रसायन एवं मृदा विज्ञान में 15 व पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान में 12 सीटें हैं।
स्नातक के पाठ्यक्रम व सीटें
पाठ्यक्रम सीटें
बीए 720
बीकॉम 334
बीएससी (गणित) 240
बीएससी (बायो) 240
बीएससी (कृषि) 160
बीएड 100
बीबीए 60
बीसीए 90