आगरा के फतेहाबाद से दो जुलाई से लापता एक युवक के घर गुरुवार को एक खत आया। जिसे पढ़कर परिवार में कोहराम मच गया। इसमें उसके आत्महत्या करने की बात लिखी है।
खत में लिखा है, 'पापा-मम्मी, मैं अंकित गुप्ता, आपका बेटा। अब इस दुनिया में नहीं रहा। मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। मेरी मौत के जिम्मेदार मेरे ससुराली हैं। शुक्रवार को परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी।
अंकित फतेहाबाद का रहने वाला है। वो कपड़े की दुकान पर काम करता है। पिता रामबाबू गुप्ता ने बताया कि बेटे की शादी 2012 में कासगंज के सोरों की रहने वाली निवासी मोनिका से हुई थी।
पत्नी को लेने गया था सोरों
तीन साल से वो पत्नी और दो बेटों के साथ किराये के मकान में रह रहा था। 30 जून को उसकी पत्नी छोटे बेटे को लेकर टेढ़ी बगिया में रहने वाले मौसा के यहां गई थी। इसके बाद लौटकर नहीं आई।
दो जुलाई को अंकित पिता से कहकर गया कि पत्नी सोरों चली गई है। वो उसको लेने जा रहा है। तब से उसका पता नहीं है। गुरुवार को डाक से एक पत्र आया। इसमें अंकित के आत्महत्या करने की बात लिखी है।
खत में माता-पिता को संबोधित करते हुए अंकित के नाम से लिखा गया है कि मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। ससुराली परेशान करते थे। पत्नी झगड़ा करती थी। एक पेज के पत्र में ससुरालियों पर कई आरोप लगाए हैं।
'बेटों को रख लेना'
आखिर में यह भी लिखा है कि मैंने आपको को दो बेटे दिए हैं, उन्हें अपने साथ रखना। पत्नी को मत रखना। शुक्रवार को परिजनों ने एसएसपी ऑफिस में शिकायत की। बाद में मामला फतेहाबाद थाने भेज दिया गया।
घर आए पत्र में एक मैमोरी कार्ड भी निकला है। इसके बारे में पत्र में जिक्र किया है। लिखा गया है कि मैमोरी कार्ड में कई रिकॉर्डिंग हैं, उन्हें सुन लेना। शिकायत पर पुलिस जांच में जुट गई है।