कासगंज से सात दिन पूर्व सोरोंजी थाना क्षेत्र के लहरा गांव से लापता किसान शुक्रवार को पड़ोसी जनपद बदायूं के उसहैत थाना क्षेत्र के सरेली के जंगल में बंधा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर उसहैत थाना पुलिस ने किसान को कासगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस किसान को सोरोंजी थाने ले आई है जहां घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लहरा निवासी किसान भूरे 11 फरवरी की रात साढ़े आठ बजे किसी के बुलाने पर अपने खेत पर गया था। इसके बाद लापता हो गया। भूरे की बाइक और चप्पलें खेत में मिलीं थीं। भूरे ने परिजनों को फोन करके बताया कि उसे कुछ लोगों ने घेर लिया है, उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजन घटना के दौरान मौके पर पहुंचे तो वहां बाइक मिलीं। जिससे उन्हें भूरे की हत्या की आशंका सताने लगी। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
पुलिस ने मौके से बाइक और चप्पलें बरामद कीं। पुलिस भूरे की तलाश कर रही थी। इस मामले में भूरे के भाई कुंवरपाल ने गांव के ही रामकिशोर, पप्पू, नरेंद्र, राकेश और मुनेश के खिलाफ हत्या की आशंका जताते हुए अपहरण की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। भाई कुंवरपाल ने बताया कि गंगा की कटरी में उनकी 25 बीघा जमीन है। आरोपियों ने कब्जा कर लिया है। कब्जा छोड़ने की बात से आरोपी रंजिश मान रहे थे।
बताया गया कि सरेली के जंगल में भूरे के हाथ पैर बंधे हुए थे और मुंह में कपड़ा बंधा हुआ था। उसहैत पुलिस को जब भूरे ने जानकारी दी तो कासगंज पुलिस को सूचना दी गई। इस सूचना पर सोरोंजी थाने की टीम उसहैत थाने पहुंची और भूरे को कोतवाली ले आई। सीओ सिटी अजीत चौहान ने बताया कि बंदायूं के उसहैत थाना क्षेत्र में भूरे मिला है। उससे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी।