गुरुवार आधी रात से निजी चिकित्सक हड़ताल पर जाने की तैयारी कर चुके हैं, लेकिन इससे इतर सरकारी चिकित्सालय में व्यवस्थाएं चौपट हैं। ऐसे में गंभीर मरीज की जान को तो खतरा है ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी सवाल उठना तय है। चौपट व्यवस्थाओं का ताजा उदाहरण बुधवार सुबह पौने नौ बजे देखने को मिला, जब सीएमओ डा. बीएस यादव किरावली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पूर्व सीएमओ सहित दर्जन भर स्टाफ नदारद था। सीएमओ ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
स्वास्थ्य केंद्र से डा. दिलीप, डा. राजकमल डा. सुप्रिया, डा. वनेंद्र कौर और पूर्व कार्यवाहक सीएमओ डा. एके कुलश्रेष्ठ अनुपस्थित थे। कुलश्रेष्ठ सेवानिवृत्त होने के बाद यहां संविदा पर कार्यरत हैं। टेक्नीशियन अनिल कुमार, स्टाफ नर्स मीना दुबे, ऊषा गोस्वामी, फार्मासिस्ट लोकेंद्र, सोनू, शिवशंकर भी गैर हाजिर थे। उपस्थिति रजिस्टर में सभी के हस्ताक्षर पाए गए।
सीएचसी में चारों ओर गंदगी, एक्सरे मशीन खराब और दवाएं कम मिलीं। देर से पहुंचे सीएचसी प्रभारी डा. आरसी माथुर को सप्ताह भर में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। इसके बाद सीएमओ अछनेरा सीएचसी पहुंचे, यहां एक चिकित्सक गायब थे। सीएमओ ने बताया कि गैर हाजिर स्टाफ को नोटिस दिया है। अगली बार निरीक्षण में यदि ऐसे से ही हालत मिलते हैं तो विभागीय कार्रवाई होगी।