आगरा के राजामंडी में रेलवे फाटक के बराबर में रहने वाले कपड़ा व्यापारी दीपक सिंघल (38) का शव बृहस्पतिवार को पड़ोसी के घर में दूसरी मंजिल की छत पर खंडहर कमरे में फंदे पर लटका मिला। वह 11 फरवरी को घर से निकले थे। तब से लापता थे। मोबाइल घर में ही छोड़ गए थे। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। जांच की जा रही है।
दीपक सिंघल की राजामंडी बाजार में मां वैष्णो हैंडलूम के नाम से कपडे़ की दुकान है। भाई विजय ने बताया कि 11 फरवरी की सुबह सात बजे चाय पीने के बाद दीपक घर से दुकान की चाबी, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड लेकर गए थे। इसके बाद दुकान पर नहीं पहुंचे। इस पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका।
दूसरे दिन थाना लोहामंडी पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मोबाइल घर पर ही रखा मिल गया। उनके घर से एक मकान छोड़कर मोहनलाल कपड़े वालों का मकान है। मकान तीन मंजिला है। दूसरी मंजिल की छत पर चार कमरे हैं, जो खंडहर हो चुके हैं। इन कमरों में कोई जाता नहीं है।
कमरे से दुर्गंध आने पर चला पता
बृहस्पतिवार को कमरों से दुर्गंध आने पर मकान में रहने वाले लोगों को कुछ शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो दीपक का शव पंखे के कुंडे पर दुपट्टे से बने फंदे पर लटका हुआ था। शव पुराना था। पहले पहचान नहीं हो पा रही थी। बाद में मृतक के कपड़ों की जेब से चाबी, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड मिला। इससे परिजनों ने पहचान कर ली।
परिवार में मचा कोहराम
दीपक तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। छोटे भाई विजय और रवि हैं। वहीं दो बहनों की शादी हो चुकी है। उनकी पत्नी माधवी हैं। छह साल का बेटा गौरव है। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
एक महीने पहले खोली थी एक दुकान
भाई विजय ने बताया कि दीपक तकरीबन सात साल से राजामंडी बाजार में कपड़े की दुकान चला रहे थे। इसमें तीन कर्मचारी भी काम करते हैं। एक महीने पहले एक व्यापारी दोस्त के साथ साझीदारी में एक और दुकान खोल ली थी। इसके लिए बैंक से लोन भी लिया था। इसके अलावा बाजार से भी दुकान के लिए माल खरीदा था। इसके बावजूद उनकी दुकान नहीं चल पा रही थी। इससे वो परेशान थे।
कमरे में कुर्सी नहीं, जमीन पर लगे थे पैर
भाई विजय ने कहा कि बड़े भाई आत्महत्या नहीं कर सकते। जिस कमरे में लाश मिली, उसमें कोई आता-जाता नहीं है। शव दुपट्टे से बने फंदे पर लटका हुआ था। उनके पैर जमीन पर छू रहे थे, जबकि कमरे में कोई कुर्सी या स्टूल भी नहीं था। फांसी लगाने के लिए स्टूल या कुर्सी पर चढ़ना पड़ेगा? उधर, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस कर रही जांच
सीओ लोहामंडी अर्चना सिंह का कहना है कि व्यापारी की तलाश की जा रही थी। उनका शव पड़ोस के घर में फंदे पर लटका मिला है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। परिवार के कुछ लोगों ने बताया है कि दीपक आर्थिक रूप से परेशान चल रहे थे। इसकी जांच की जाएगी।