फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मथुरा में बड़ी वारदात: प्राचीन झाड़ी वाले हनुमान मंदिर में नौ साधुओं को बेहोश कर 3.70 लाख रुपये लूटे

Wed, 12 May 2021 12:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नौहझील (मथुरा)

सार

मथुरा के नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर प्राचीन झाड़ी वाले हनुमान मंदिर में बदमाशों ने साधुओं को बेहोश कर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। 
विज्ञापन
मंदिर परिसर में साधुओं से जानकारी जुटाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्राचीन झाड़ी वाले हनुमान मंदिर में सोमवार देर रात बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाश मंदिर के महंत समेत नौ साधुओं को बेहोश करके 3.70 लाख रुपये की नकदी, मोबाइल, एटीएम और आधारकार्ड लूट ले गए। इस दौरान बदमाश डीवीआर भी उखाड़ ले गए। बदमाशों ने यह लूट मंदिर का दानपात्र और महंत की अलमारी तोड़कर की। घटना की जानकारी सुबह हो सकी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच करके मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

विज्ञापन


नौहझील से दो किमी दूर झाड़ी वाले हनुमानजी का प्राचीन मंदिर है। मंदिर के महंत रामरतन दास महाराज सोमवार की रात नौ बजे खाना खाने के बाद अपने कमरे में सो गए। महंत ने बताया कि उन्हें चक्कर आने लगे। इसके अलावा अलग कमरे में सो रहे साधू ब्रह्मचारी बाबा, रसोइया नौहबत सिंह, जीवनदास, सुभाष दास मिश्र, श्यामवीर सिंह, चंद्रकुमार, कबीरदास, सुरेश चंद पुजारी को भी उल्टी-दस्त होने लगी। थोड़ी ही देर में साधू वहीं सो गए। जबकि दो दिन से डेरा डाले चार साधू भी मंदिर के कमरे में सोए हुए थे। सुबह महंत उठे तो चक्कर आ रहे थे।

हिम्मत करके उठे तो अलमारी को खुला देखकर दंग रह गए। बाहर आकर देखा तो रसोइये समेत आठ साधू अलग-अलग बेहोश पड़े थे। मंदिर का दानपात्र भी टूटा हुआ था। महंत ने अयोध्या के साधुओं को उठाया तो वह होश में मिले। यह खबर नौहझील में फैली तो मंदिर पर आसपास के ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर पहुंचे एसपी देहात श्रीशचंद और सीओ मांट धर्मेंद्र चौहान ने घटना की पूरी जानकारी जुटाई। एसपी देहात ने बताया कि प्रथम दृष्टया खाने में नशीली चीज मिलाकर खिलाए जाने की आशंका लग रही है। महंत की तहरीर पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस की तीन टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। चार साधुओं की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

विज्ञापन

मंदिर में साधू असुरक्षित, पुलिस हुई लापरवाह
योगीराज में मंदिर तो छोड़िए अब तो साधू भी सुरक्षित नहीं रहे। इतनी बड़ी वारदात को कम करके आंकने में मथुरा पुलिस ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लगातार नौहझील में हो रहीं वारदातों को लेकर पुलिस के अफसर बेपरवाह बने हुए हैं। सोमवार की रात प्राचीन मंदिर पर हुई वारदात से ग्रामीण गुस्से में हैं। लॉकडाउन में हुई वारदात पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने गश्त करनी ही बंद कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर की वारदात का जल्द खुलासा नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।

अयोध्या के साधुओं ने नहीं खाया खाना, पिया था दूध
दो दिन से अयोध्या के साधू शिवदास, हरिदास, शत्रुघ्न महाराज और योगीराज महाराज मंदिर पर रुके हुए हैं। यह साधू दो दिन पहले ही हरिद्वार से यहां आए थे। इन साधुओं ने रात में बना खाना नहीं खाया। यह साधू केवल दूध पीकर सो गए। यह साधू खुद से खाना बनाकर खाते हैं। इसी के चलते मंदिर में बने खाने से परहेज किया। दूध पीने के बाद यह साधू भी सो गए। सुबह होने पर सभी को घटना की जानकारी हो सकी। 

राजघाट से आया साधू भी हुआ था बेहोश
राजघाट अलीगढ़ के नरेशाचंद सरस्वती सोमवार की शाम साढ़े सात बजे पहली बार मंदिर पहुंचे। यहां पर महंत ने आधार कार्ड दिखाने के बाद ही अंदर सोने की बात कही। नहीं तो खाना खाने के बाद बाहर ही सोने को कहा। इस साधू ने भी रात में खाना खाया और बाहर सो गया। उसके बाद आठ साधुओं के साथ-साथ इन्हें भी उल्टी-दस्त हुए।
विज्ञापन

खाने और मसालों का लिया नमूना
मंदिर में हुई लूट की जानकारी पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने खाने और मसालों के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच को भेजने की बात कही जा रही है। इसके अलावा डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लग सका। 

हनुमानजी की नहीं हुई आरती, पट रहे बंद
प्राचीन झाड़ी वाले हनुमान मंदिर की एक खासियत है कि मंगलवार और शनिवार की सुबह चार बजे महंत रामरतनदासजी आरती करते हैं। आरती के चलते सुबह ही आसपास के भक्त भी आ जाते हैं। मंगलवार को हनुमानजी के भक्त जरूर आए, लेकिन आरती नहीं हो सकी। वृंदावन के सुदामा कुटी से तीन संतों को मंदिर में हनुमानजी की आरती के लिए बुलाया गया। शाम को सात बजे आरती हुई। बाहर का कोई व्यक्ति शामिल नहीं हुआ।

कौन थे बाइक सवार दो युवक
आखिर बाइक सवार दो युवक कौन थे, जो कि मंदिर के पास बाइक खराब होने की कहकर ठहरने की साधुओं से बात कर रहे थे। उसके बाद साधुओं ने मना कर दिया तो वह वहां से निकल गए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें