मंदिर में साधू असुरक्षित, पुलिस हुई लापरवाह
योगीराज में मंदिर तो छोड़िए अब तो साधू भी सुरक्षित नहीं रहे। इतनी बड़ी वारदात को कम करके आंकने में मथुरा पुलिस ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लगातार नौहझील में हो रहीं वारदातों को लेकर पुलिस के अफसर बेपरवाह बने हुए हैं। सोमवार की रात प्राचीन मंदिर पर हुई वारदात से ग्रामीण गुस्से में हैं। लॉकडाउन में हुई वारदात पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने गश्त करनी ही बंद कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर की वारदात का जल्द खुलासा नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
अयोध्या के साधुओं ने नहीं खाया खाना, पिया था दूध
दो दिन से अयोध्या के साधू शिवदास, हरिदास, शत्रुघ्न महाराज और योगीराज महाराज मंदिर पर रुके हुए हैं। यह साधू दो दिन पहले ही हरिद्वार से यहां आए थे। इन साधुओं ने रात में बना खाना नहीं खाया। यह साधू केवल दूध पीकर सो गए। यह साधू खुद से खाना बनाकर खाते हैं। इसी के चलते मंदिर में बने खाने से परहेज किया। दूध पीने के बाद यह साधू भी सो गए। सुबह होने पर सभी को घटना की जानकारी हो सकी।
राजघाट से आया साधू भी हुआ था बेहोश
राजघाट अलीगढ़ के नरेशाचंद सरस्वती सोमवार की शाम साढ़े सात बजे पहली बार मंदिर पहुंचे। यहां पर महंत ने आधार कार्ड दिखाने के बाद ही अंदर सोने की बात कही। नहीं तो खाना खाने के बाद बाहर ही सोने को कहा। इस साधू ने भी रात में खाना खाया और बाहर सो गया। उसके बाद आठ साधुओं के साथ-साथ इन्हें भी उल्टी-दस्त हुए।