यह था मामला
दन्नाहार, मैनपुरी निवासी बलराम सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। उनके बेटे अवनीश प्रताप सिंह, पत्नी कामिनी और दो बच्चों के साथ त्रिवेणी एंक्लेव में किराये पर रहते हैं। 17 अप्रैल की शाम 4 बजे घर में डकैती डाली गई थी। अवनीश बाजार गए थे। कामिनी को बदमाशों ने रसोई में बंद किया था। अलमारी से चेन, अंगूठी और बक्सा ले गए थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने ताजगंज के तेलीपाड़ा निवासी लोकेश सिकरवार, नगला शेख बुलाखी निवासी धर्म उर्फ लुक्का, तरुण उर्फ अंशु, दलिहाई निवासी रंजीत राय, दिल्ली निवासी विशाल सिंह राजावत उर्फ हर्ष, सोहेल खान उर्फ मुन्ना और बिट्टू शर्मा उर्फ रोहन की गिरफ्तारी की। इनसे तीन बाइक, चार हजार रुपये, लूटा हुआ बक्सा, कपड़े, एक तमंचा, एक कारतूस बरामद किया है।
ये भी पढ़ें -
घर की पेंटिग के दौरान पेंटर की करतूत: नहाते समय महिला का बनाया वीडियो, उसके बाद जो किया...जीते जी मर गई वो
ऐसे की वारदात
- लोकेश ने योजना बनाई। अपने बहनोई और अन्य साथियों को बुलाया। बताया कि डकैती डालकर 40 लाख मिल जाएंगे। रकम बक्से में रखी है।
- घर के बाहर क्रिकेट खेलकर रेकी की। वारदात वाले दिन तरुण ने मैदान में नजर बनाए रखी।
- लोकेश के बहनोई विशाल सिंह, बिट्टू, रंजीत, और धर्म उर्फ लुक्का घर में घुसे। रंजीत के पास तमंचा था। उसने महिला को धमकाया।
- छोटू, आकाश और सोहेल ने मकान के भूतल पर खड़े होकर नजर बनाए रखी।
- विशाल और बिट्टू बक्से को नीचे लाए। इसके बाद बाइक से भाग गए।
- आकाश तेलीपाड़ा से पहले मिला। छोटू के साथ बाइक पर बैठकर चला गया।
- छोटू और आकाश फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी है।
ये भी पढ़ें -
Atiq- Ashraf: अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले शूटर अरुण की असली उम्र जानकर रह जाएंगे हैरान, राशन कार्ड आया सामने
हर्ष बना था दिल्ली क्राइम ब्रांच का फर्जी इंस्पेक्टर
पुलिस ने बताया कि अवनीश के पिता आगरा पुलिस लाइन में रहते थे। लोकेश की दोस्ती जबलपुर (मध्य प्रदेश) की सोनी नाम की महिला से है। सोनी के रिश्तेदार पुलिस लाइन में अवनीश के पिता के घर के पास रहते हैं। सोनी रिश्तेदार के घर आती थी। आरोप है कि अवनीश ने सोनी से 8 लाख रुपये लिए। कहा कि जमीन में पैसा लगाकर रकम दोगुनी कर देगा। मगर, ऐसा नहीं हो सका। इस पर सोनी ने रकम मांगी। मगर, वो रकम वापस नहीं कर रहा था। वारदात से 25 दिन पहले हर्ष को भेजा। वह दिल्ली क्राइम ब्रांच का फर्जी इंस्पेक्टर बनकर आया था। अवनीश को धमकाया। जेल भेजने की धमकी दी। उसने फिर भी रुपये नहीं दिए। इस पर डाका डाला गया।