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कारोबारी हत्याकांड: गर्मीं शुरू होते ही बदमाशों ने दी पुलिस को चुनौती, लूट की वारदात से सुरक्षा पर सवाल

Tue, 02 Apr 2024 02:05 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

गर्मियां शुरू होते ही बदमाशों ने आगरा पुलिस को दिनदहाड़े कारोबारी की हत्या कर बड़ी चुनौती दी है। बदमाशों ने जिस तरह दिन में बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया, उससे सवाल ये उठ रहा है कि आखिर पुलिस क्या कर रही है। 
 
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पुलिस आयुक्त कार्यालय, आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा कमिश्नरेट में बदमाश कई बार कारोबारियों को निशाना बना चुके हैं। घरों में ही नहीं, राह चलते भी लूट चुके हैं। सोमवार को पॉश काॅलोनी में बड़ी वारदात हुई। इससे कारोबारियों में आक्रोश और आसपास रहने वालों में दहशत है।
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सभी ने पुलिस सुरक्षा पर सवाल उठाए। कहा कि पुलिस गश्त नहीं करती। वारदात के बाद खानापूर्ति के लिए मौके पर पहुंचकर सुरक्षा का आश्वासन देती है। चार दिन बाद पुराने ढर्रे पर आ जाती है।

दिलीप गुप्ता की हत्या और पत्नी लता को लहूलुहान कर लूट की जानकारी होते ही बड़ी संख्या में कारोबारी पहुंच गए। अशोक गुप्ता ने कहा कि पुलिस चौकी के बावजूद बदमाश बेखौफ थे। वारदात के बाद चौकी के सामने से ही पुलिस को चुनौती देते हुए भाग गए।
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अगर, कालोनी में पुलिस की गश्त होती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे। गर्मी में बदमाश सुनसान रास्तों में वारदात करते हैं। इस बार घर में घुसकर हत्यायुक्त लूट की। काॅलोनी के आलोक आर्य ने कहा कि बदमाश चौकी के सामने से भाग गए। यह पुलिस की निष्क्रियता है।

व्यापारी राजेश गुप्ता ने कहा कि चौकी के सामने ही उनकी दुकान है। काॅलोनी में दो दिन पहले भी वारदात हुई थी। दो बदमाश दुकान के बाहर से सेल्समैन बल्केश्वर निवासी राजकुमार सिंघल का बैग ले गए थे। पुलिस से शिकायत की थी। मगर, कुछ नहीं हुआ। अब एक और वारदात हो गई। पुलिस नौकर के वारदात करने का हवाला देकर गंभीरता को कम करना चाहती है।
मगर, वारदात चौकी के पास हुई। बदमाश पुलिस को चुनौती देकर भाग गए। इसलिए बड़ी बात है। उस हिसाब से कार्य करना चाहिए।

शाम को पहुंचे पुलिस आयुक्त
घटना की जानकारी पर एसीपी हरीपर्वत आदित्य कुमार पहुंचे। बाद में डीसीपी सिटी सूरज राय आए। लोगों में इस बात की नाराजगी थी कि पुलिस आयुक्त नहीं आए। सोशल मीडिया पर संदेश भी वायरल हुआ। शाम करीब 6 बजे पुलिस आयुक्त पहुंचे और घटना की जानकारी ली। कारोबारी के बेटे से बात की। बताया कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए टीम लगी है।

पहले भी परिचित और नौकर ले चुके हैं जान
- 3 जनवरी 2015 को कोतवाली के कंपू टोला में हरेश चंद अग्रवाल और उनकी पत्नी ललिता रानी अग्रवाल की हत्या हुई थी। घटना से 8 दिन पहले ही दंपती के बेटे दिनेश ने नौकर सोनू को मां-बाप की देखभाल के लिए भेजा था। सोनू ने जेवरात और नकदी लूट ली थी। हत्या कर दी थी। 22 फरवरी को नौकर पकड़ा गया। कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- जुलाई 2021 में कोतवाली के कूंचा साधूराम वाली गली में रेखा राठौर, उनके बेटे वंश उर्फ टुकटुक, पारस और बेटी माही की हत्या हुई थी। चारों का गला धारदार हथियार से रेता गया था। रिश्ते के भाई ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।
- 15 नवंबर 2015 को पाॅश काॅलोनी खंदारी में वारदात हुई थी। लेदर कारोबारी अवनीश कुमार ग्रोवर और उनकी पत्नी ऊषा रानी घर में अकेले थे। उनकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर सकी।
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