मिरहची के मोहल्ला गड्ढ़ा में अतिसबाजी में हुए धमाके में गिरा मकान, वहीं जेसीवी से मलवा हटवाती पुल
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एटा। बीते चार साल से जिले में आतिशबाजी बनाने की फैक्ट्रियों में हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासन नहीं चेत रहा है। बस्तियों में पटाखा फैक्ट्री के संचालन पर रोक है। इसके बाद भी उच्चाधिकारी बिना देखे लाइसेंस दे देते हैं।
अलीगंज के गांव नगला खुर्द में 2015 में पटाखा फैक्ट्री में हादसा हुआ था। इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी।
नवंबर 2016 में अलीगंज के ही नगला सिमौर में घटना हुई थी। इसमें कई व्यक्ति घायल हुए थे।
2016 में दीपावली के अवसर पर शहर की बूरामंडी में हादसा हुआ था। जहां नीचे दुकान पर पटाखा बेचे जा रहे थे, जबकि छत पर पटाखा बनाए जा रहे थे। इस दौरान ऊपर हादसा हो गया था। जहां दो लोगों की मौत हुई थी।
2017 में गांव कंसुरी में बिना लाइसेंस की एक फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इसमें चार व्यक्तियों की मौत हो गई थी।
2018 में अवागढ़ में पटाखा फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसमें एक बच्ची झुलस गई थी।
लगातार हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन का पटाखा फैक्ट्री की तरफ कोई ध्यान ही नहीं है। शनिवार को जिस पटाखा फैक्ट्री में हादसा हुआ था। उसका लाइसेंस मार्च 2019 में समाप्त हो गया था। इसके बाद भी फैक्ट्री में पटाखा बनाए जा रहे थे।