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संरक्षित होगा वृंदावन कुंभ मेला क्षेत्र, ईको पार्क के रूप में होगा विकसित: श्रीकांत शर्मा

Sun, 06 Dec 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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संतों के साथ ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने की बैठक - फोटो : Twitter/@ptshrikant
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प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा शनिवार को वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी संतों के साथ बैठक की। बैठक में संतों ने वृंदावन कुंभ मेला की तैयारी को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए मेला क्षेत्र को संरक्षित घोषित करने की मांग उठाई।

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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऊर्जामंत्री के समक्ष वृंदावन टीएफसी सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों ने कुंभ मेला की व्यवस्थाओं का प्रजेंटेशन दिया। इसमें संतों के साथ आने वाले पर्यटक और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं शामिल थीं। 


इस दौरान संतों ने प्रशासन की ओर से वृंदावन कुंभ को संत समागम के रूप में प्रचारित किए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही आवंटित प्लाट का आकार बढ़ाने के साथ बिजली, पानी, सफाई की समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग रखी। मेला प्रारंभ होने से खत्म होने तक यमुना में अविरल जलधारा बनाए रखने के लिए कहा। 
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संत और गणमान्य लोगों की बातें सुनने के बाद ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मेला स्थल का निरीक्षण करने के साथ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संतों के अनुसार मेला क्षेत्र को शासन के स्तर से संरक्षित कराया जाएगा। इस स्थल को ईको पार्क के रूप में विकसित करने की योजना पर काम होगा।  

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कुंभ मेला बैठकों में उपेक्षा से नाराज मंदिरों के सेवायत 

शनिवार को ब्राह्मण सेवा संघ, ब्रजधाम देवालय न्यास, ब्रजवासी पांडा सभा, ब्रज विद्वत परिषद की संयुक्त बैठक भी आगामी कुंभ मेला की व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित हुई। इसमें सरकारी बैठकों में ब्रजवासियों, मंदिरों के सेवायतों और सामाजिक संस्थाओं की उपेक्षा कर उन्हें आमंत्रित न किये जाने पर रोष व्यक्त किया गया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ब्रजवासी समुदाय और सेवायतजन सदा से संतों का सहयोग करते हुए वृंदावन कुंभ बैठक को भव्य और दिव्य रूप प्रदान करते आए हैं, लेकिन इस बार अधिकारियों द्वारा निरंतर उपेक्षा की जा रही है। किसी भी बैठक में न तो किसी मंदिर के सेवायतजन, पंडा तीर्थ पुरोहित समाज और भागवताचार्यों को आमंत्रित नहीं किया गया है। 
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