आगरा जनपद में बेखौफ खनन माफिया ने एक बार फिर दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस की ढिलाई से बेखौफ हुए खनन माफिया के गुर्गों ने इरादतनगर और जगनेर में पुलिस पर फायरिंग की। इरादतनगर में दरोगा निशामक त्यागी उर्फ निशंक की जांघ में गोली लगी।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जगनेर में पुलिस टीम गोली लगने से बाल बाल बची। दोनों जगह रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां पकड़ ली गईं जबकि गुर्गो का कोई सुराग नहीं लगा।
इरादतनगर के गांव सदपुरा पीपलरास्ते में घटना रविवार दोपहर 12:30 बजे हुई। गाजियाबाद के मुरादनगर निवासी निशंक इरादतनगर थाना से बाइक पर गश्त के लिए निकले थे। रेत लदी ट्रैक्टर ट्रॉली देख उसे रुकवा लिया।
आरोपी गिरफ्तार
ट्रॉली खाली करा दी। इसके बाद गुर्गे को जैसे ही पकड़ने की कोशिश की, उसने तमंचा निकालकर गोली चला दी। आवाज सुनकर आए ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
इरादतनगर थाना के प्रभारी ने बताया कि हमलावर की पहचान धौलपुर के राजाखेड़ा के आम का पुरा निवासी बबलू के रूप में हुई है। उसके खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया गया है। उधर, घायल दरोगा का उपचार आगरा में देहली गेट स्थित पुष्पांजलि हॉस्पिटल में चल रहा है।
जगनेर में गांव सरौधी चौराहा के पास रेत से भरी छह ट्रॉलियां चंबल से लाई जा रहीं थी। पुलिस टीम ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो माफिया के गुर्गो ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग होने पर वे भाग गए। पुलिस ने राजवीर , राम निवास, सुरेश, रमन और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पांच महीने में खाकी पर पांच हमले
आगरा। खनन माफिया के गुर्गो ने पांच महीने में पुलिस पर पांच हमले कर दिए हैं। दो अब हुए। इससे पहले दो खेरागढ़ में और एक रुनकता में हो चुका है। खेरागढ़ में 18 अक्तूबर पर दो सिपाहियों पर हमला हुआ था। इससे पहले छह जून को सिपाही संजीव को गोली मारी थी।