भविष्य निधि का भुगतान करने की गारंटी न मिलने पर प्रदेश के ऊर्जा विभाग के कर्मचारी आज से दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम भी इसमें शामिल है। इसके अंतर्गत आने वाले 21 जिलों में सोमवार से 48 घंटे के लिए कामकाज ठप रहेगा। ऐसे में विद्युत उपकेंद्रों पर यदि कोई फॉल्ट हुआ तो बुधवार को ही ठीक हो सकेगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 18 और 19 नवंबर को दक्षिणांचलकर्मी कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। सिर्फ संविदा कर्मचारी ही ड्यूटी पर रहेंगे। जोकि छोटे फॉल्ट को ठीक करने के लिए तैनात हैं। लेकिन, विद्युत उपकेंद्रों के अधिकांश कार्य अभी भी दक्षिणांचलकर्मियों के पास ही हैं।
कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्य बहिष्कार से संकट खड़ा हो सकता है। बड़े फॉल्ट तो ठीक होंगे ही नहीं, राजस्व वसूली के काम भी प्रभावित होंगे। इन दो दिनों में न तो बिजली के बिल जमा होंगे और न ही आसान किस्त योजना के तहत उपभोक्ताओं को पंजीकृत किया जाएगा।
ज्ञात रहे कि पॉवर कार्पोरेशन के भविष्य निधि में पिछले दिनों बड़ा घोटाला हुआ था। इसमें दक्षिणांचल कर्मियों के भी 100 करोड़ रुपये से अधिक फंसे हुए हैं। इसी के विरोध में उनका आंदोलन चल रहा है। दक्षिणांचल कर्मियों की मांग है कि सरकार उनकी भविष्य निधि की गारंटी ले। लेकिन, सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
प्रदेश भर के ऊर्जा विभाग से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी सोमवार और मंगलवार को कार्य बहिष्कार करेंगे। यदि हमारी मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन को और गति दी जाएगी। -संजय उपाध्याय, मीडिया प्रभारी, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति
बिजली चोरों के खिलाफ रुका अभियान
भविष्य निधि घोटाले के विरोध में दक्षिणांचल कर्मचारी और अधिकारी पांच नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं। 14 नवंबर को लखनऊ में प्रदर्शन के बाद 15 और 16 नवंबर को सिर्फ काम हुआ। लंबे समय से कार्य बहिष्कार होने के कारण दक्षिणांचल में लंबित फाइलों का पुलिंदा बढ़ गया है।
राजस्व वसूली का काम पूरी तरह से ठप है। इसके साथ ही बिजली चोरों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके साथ ही आसान किस्त योजना का अभियान शुरू नहीं हो सका है। यह अभियान 11 नवंबर से शुरू होना था, लेकिन अधिकारियों के कार्य बहिष्कार के चलते उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।
समिति ने जारी किए निर्देश
-कोई भी कैश काउंटर नहीं खुलेगा।
-किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की आईडी किसी भी तरह उपयोग में नहीं लाई जाएगी।
-किसी भी सदस्य का कार्यालय किसी भी स्थिति में नहीं खोला जाएगा।
-किसी भी तरह की प्रशासनिक एवं प्रबंधक की बैठक में सहभागिता नहीं करेंगे।
-सभी सदस्य सुबह दस बजे से मुख्यालय पर विरोध सभा में मौजूद रहेंगे।
-किसी भी प्रकार का कैंप या संयोजन विच्छेदन अभियान नहीं चलाया जाएगा।