पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों का चलन आठ नवंबर से बंद होने के बाद जिन लोगों ने अपने बैंक एकाउंट में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बंद हो चुके नोटों में जमा की है, उन्हें आयकर विभाग के नोटिस भेजे गए। सोमवार से नोटिस का जवाब देने वाले आयकर विभाग पहुंचने लगे। शहर में 25 से ज्यादा लोगों को ऐसे नोटिस तामील हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर आयकर विभाग के संजय प्लेस कार्यालय की दस्तक दे चुके हैं।
नोटबंदी में बंद नोटों को खपाने के लिए किसी ने जनधन एकाउंट में 49 हजार की रकम कई-कई बार जमा कराई तो किसी ने बंद हो चुकी कंपनियों के एकांउट में करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए लेकिन आयकर विभाग के पास ऐसे लोगों का पूरा ब्योरा पहुंचने लगा है। एक करोड़ रुपये से ज्यादा जमा करने वालों को नोटिस मिलने के बाद शहर के उन व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। सोमवार से ही नोटिस का जवाब देने के लिए अपने सीए, अधिवक्ता के साथ लोग आयकर विभाग पहुंचने लगे हैं। नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकांश करोड़पति जवाब दाखिल कर चुके हैं।
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग के पास अब बैंकों से पूरी डिटेल आने लगी है। नोटबंदी में 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा करने वालों की सूची बैंक आयकर विभाग को भेज चुके हैं। प्राइवेट बैंकों ने यह डेटा आयकर विभाग को नहीं भेजा है, लेकिन सरकारी बैंकों की लिस्ट आयकर कार्यालय में आ चुकी है। अब विभाग 10 लाख रुपये के बंद नोट जमा करने वालों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि बैंकों को 50 हजार रुपये से ज्यादा कैश जमा करने वालों का ब्योरा आयकर विभाग को देने के निर्देश जारी किए गए हैं।