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Agra News: बिचौलिए डकार गए किसानों का हक, कार्रवाई शून्य

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आगरा। बाजार मूल्य से सरकारी क्रय केंद्रों पर बाजरा का समर्थन मूल्य (एमएसपी) अधिक होने के बावजूद अन्नदाता खाली हाथ रह गए। बिचौलिए उनका हक डकार गए। मंगलवार को बाजरा बिक्री के अंतिम दिन भी किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिला। कहीं उन्हें टोकन नहीं मिला, तो कहीं टोकन मिलने के बाद भी तौल और बिक्री नहीं हो सकी।
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खाद्य एवं रसद विभाग ने जिले में 16 क्रय केंद्र बनाए थे। 21 हजार टन बाजरा खरीद का लक्ष्य था। 31 दिसंबर अंतिम तिथि थी। क्रय केंद्रों पर बिचौलिए हावी रहे। दस-दस दिन तक बाजरा लदे ट्रैक्टर क्रय केंद्रों पर खड़े रहे। किसान चक्कर लगाते रहे। उनका बाजरा नहीं बिका। उधर, बिचौलियों ने बाजार भाव में किसानों से बाजरा लेकर क्रय क्रेंद्रों पर बेच दिया। इस खेल में क्रय केंद्र प्रभारी और निजी कर्मचारियों पर साठगांठ के आरोप लगे। डीएम अरविंद बंगारी ने जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्ट्या जिला खाद्य विपणन अधिकारी नंद किशोर, जगनेर क्रय केंद्र प्रभारी निखिल सक्सेना, फतेहपुर सीकरी क्रय केंद्र प्रभारी गया प्रसाद, खेरागढ़ क्रय केंद्र प्रभारी विकास जयंत और जैतपुर कलां प्रभारी रीता सेन की भूमिका संदिग्ध नजर आई।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सहित चारों क्रय केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध डीएम ने प्रमुख सचिव और खाद्य एवं रसद मंत्री को पत्र लिख सख्त कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी। डीएम की संस्तुति के बाद भी नतीजा शून्य रहा। जिस वजह से मंगलवार को अंतिम दिन भी जगनेर, खेरागढ़, बाह, पिनाहट, जैतपुर आदि केंद्रों पर मनमानी का सिलसिला जारी रहा।
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