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Agra: 46 साल से बंद रेल फाटक बना मुसीबत, नए जिलाधिकारी से मिलेंगे ग्रामीण; ओवरब्रिज की मांग तेज

Thu, 23 Apr 2026 10:13 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

रेल परियोजनाओं के बीच मूलभूत आवागमन सुविधाओं की अनदेखी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है और ओवरब्रिज व अंडरपास की मांग तेज हो गई है। 46 साल से बंद फाटक और अनुपयोगी फुट ओवर ब्रिज के कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाकर यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे वे जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
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46 साल से बंद रेल फाटक बना मुसीबत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के मिढ़ाकुर क्षेत्र में रेल परियोजनाओं के बीच मूलभूत आवागमन सुविधाओं की अनदेखी पर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। गांव में चकमार्ग संख्या 980 और गूल संख्या 989 पर पुल निर्माण, आगरा-बयाना रेल लाइन के आगरा रजवाह स्थित फाटक संख्या 62ए पर आरओबी/आरयूबी और रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) को उपयोगी स्थान पर बनाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को ग्रामीण जिलाधिकारी मनीष बंसल से मिलेंगे।
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किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि फाटक संख्या 62ए करीब 46 वर्षों से बंद है, जिससे लोगों को रोजाना लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। आपात स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में यहां स्थायी समाधान के रूप में ओवरब्रिज या अंडरपास की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर फरवरी में तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को पत्र भेजकर ध्यान आकर्षित कराया था, लेकिन अब तक प्रगति नहीं हुई है। इसके अलावा मिढ़ाकुर रेलवे स्टेशन पर बना फुट ओवर ब्रिज उपयोग में नहीं है। ग्रामीणों का प्रस्ताव है कि इसे पुलिस चौकी के पास वाले मार्ग और गढ़ी गूजरा मार्ग को जोड़ने वाले स्थान पर विकसित किया जाए, जिससे सीधा और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।


 
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