किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि फाटक संख्या 62ए करीब 46 वर्षों से बंद है, जिससे लोगों को रोजाना लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। आपात स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में यहां स्थायी समाधान के रूप में ओवरब्रिज या अंडरपास की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर फरवरी में तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को पत्र भेजकर ध्यान आकर्षित कराया था, लेकिन अब तक प्रगति नहीं हुई है। इसके अलावा मिढ़ाकुर रेलवे स्टेशन पर बना फुट ओवर ब्रिज उपयोग में नहीं है। ग्रामीणों का प्रस्ताव है कि इसे पुलिस चौकी के पास वाले मार्ग और गढ़ी गूजरा मार्ग को जोड़ने वाले स्थान पर विकसित किया जाए, जिससे सीधा और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।