उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने मेट्रो ट्रैक बनाने का कार्य तेज कर दिया है। यमुनापार में भी निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ट्रांस यमुना कॉलोनी के सामने हाईवे पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। 15 महीने में मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। इसके बाद लोग आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो में सफर कर सकेंगे।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दोनों कॉरिडोर का निर्माण तेज करने के लिए कर्मचारी और 10 मशीनें बढ़ा दी हैं। दूसरे कॉरिडोर में आगरा कैंट से सुल्तानगंज की पुलिया तक पिलर बन गए हैं। गर्डर लगाने का कार्य चल रहा है। इसके आगे पिलर बनाने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए मशीन से खुदाई की जा रही है। ट्रांस यमुना कॉलोनी के सामने हाईवे पर बैरिकेडिंग करते हुए स्टेशन के लिए सर्वे कर लिया है। पिलर बनाने के लिए जल्द खुदाई शुरू हो जाएगी।
दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। इसकी दूरी करीब 16 किलोमीटर है। यह एलिवेटेड ट्रैक है और इसमें 14 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक ट्रैक बनाने का 50 फीसदी काम पूरा हो गया है। यहां तक अगले साल मार्च में मेट्रो सेवा हो जाएगी।
पहले कॉरिडोर की बात करें तो एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस कॉलेज स्टेशन बन गए हैं। इनमें सिविल कार्य चल रहा है। 3 महीने में चारों स्टेशन तैयार हो जाएंगे। दिसंबर में इन चारों स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेन का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। जनवरी में ताज पूर्वी से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। इन ट्रेनों को आईएसबीटी स्टेशन पर रोका जाएगा। इसका निर्माण भी लगभग पूरा होने वाला है। 15 महीने में दोनों कॉरिडोर बन जाएंगे और 30 किलोमीटर का सफर मेट्रो से तय हो सकेगा।