मेट्रो निर्माण के चलते पानी की लाइन जोड़ने का काम होने से आगरा के कई इलाकों में जलापूर्ति ठप रही। करीब डेढ़ लाख लोग पानी के लिए परेशान हुए, जिसके बाद टैंकरों से सप्लाई कराई गई।
आगरा में मंगलवार की सुबह बाईपास रोड पर सुल्तानगंज पुलिया के पास मेट्रो कॉरपोरेशन ने 250 मिमी. और 500 मिमी. व्यास की पानी की लाइन को जोड़ने का काम शुरू किया जो देर रात तक पूरा हो पाया। इस वजह से कमला नगर, बल्केश्वर, न्यू आगरा, मुगल रोड समेत एक चौथाई शहर के करीब डेढ़ लाख लोग शाम को पानी के लिए परेशान रहे। पानी का संकट देखकर जलकल विभाग ने टैंकरों से इन क्षेत्रों में जलापूर्ति कराई। जलकल विभाग का दावा है कि बुधवार सुबह से जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी।
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यूपी मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन ने बाईपास पर सुल्तानगंज पुलिया से वाटरवर्क्स तक मेट्रो पिलर नंबर 321 से 336 के नीचे आ रही पानी की दो लाइनों को शिफ्ट कराया है। पानी की 250 मिमी. और 500 मिमी. व्यास की दोनों लाइनों को पिलर से दूर बिछाया गया है। इन्हीं दोनों लाइनों को मुख्य पाइप लाइन से जोड़ने के लिए मंगलवार सुबह 9 बजे से काम शुरू कराया गया, लेकिन बारिश शुरू हो गई। इस वजह से 11 बजे के करीब काम शुरू हो सका।
देर रात तक यहां इंटरकनेक्शन का काम पूरा हो सका। इस वजह से बल्केश्वर, कमला नगर एच ब्लॉक व बी ब्लॉक, न्यू आगरा, इंद्रपुरी, मुगल रोड, आदर्श नगर, तेज नगर, गंगेगौरी बाग, प्रोफेसर कॉलोनी, राधा नगर, राधा विहार, अनुराग नगर, लोहिया नगर, बसंत विहार और भूड़ का बाग समेत आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को जलापूर्ति प्रभावित रही।
जलकल विभाग के महाप्रबंधक संघ भूषण ने बताया कि शाम को पानी न मिलने के कारण लोगों ने टोल फ्री नंबर पर फोन किए। इसके बाद टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया। उन्होंने दावा किया कि बुधवार सुबह इन क्षेत्रों में जलापूर्ति बहाल हो जाएगी।
सिकंदरा वाटरवर्क्स की बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग
जलकल विभाग ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी श्रुति से सिकंदरा वाटरवर्क्स पर गंगाजल और एमबीबीआर प्लांट फीडर की बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग की है। इस फीडर के कारण सिकंदरा वाटरवर्क्स पर जलशोधन का काम रुक रहा है। बार-बार कटौती होने और आंधी-बारिश में तुरंत शटडाउन लेने से पूरा प्लांट ठप हो रहा है। इस वजह से जलकल महाप्रबंधक संघ भूषण ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से वाटरवर्क्स को शहरी फीडर से जोड़ने और 24 घंटे विद्युत आपूर्ति कराए जाने की मांग की है।