आगरा के राजामंडी बाजार में गश्त करती निगम की टीम।
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आगरा के राजामंडी बाजार स्थित लाभचंद्र मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट की अवमानना में फंसे प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, डीएम, कमिश्नर सहित आठ अफसरों की तरफ से सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी पेश हुए थे। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सुप्रीम आदेश सर्वोपरि है। कोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन कराया जाएगा।
भारत के अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट में कहा कि वह मामले की स्थिति का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि अदालत के आदेशों का पूरी तरह से पालन हो। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ के समक्ष सोमवार को अमरजोत सिंह सूरी बनाम अरविंद एम बंगारी व अन्य मामले में अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई की शुरुआत में ही अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने अवमाननाकर्ता की ओर से पेश होते हुए अदालत से थोड़ा समय मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद स्थिति का निष्पक्ष विश्लेषण करना चाहते हैं। जब पीठ ने कार्यवाही की प्रकृति और दायरे को लेकर सवाल किया, तो एजी ने बेहद संजीदगी से जवाब दिया। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह इस तथ्य से पूरी तरह अवगत हैं कि यह अवमानना की कार्यवाही है और न्यायालय के आदेश का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए।
अदालत ने अटॉर्नी जनरल की ओर से समय मांगे जाने के अनुरोध को स्वीकार कर इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 मई की तारीख तय की। यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने दिया था। सोमवार के अंक में भूलवश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ की जगह न्यायमूर्ति अभय एस ओका का नाम प्रकाशित हो गया था।