आगरा। मेट्रो प्रोजेक्ट में बारिश की एक-एक बूंद को सहेजा जाएगा। वर्षा जल संचयन के लिए डिवाइडर पर बोरिंग कर सोकपिट बनाई जा रही हैं। बुधवार को ताजपूर्वी गेट स्टेशन से बसई मेट्रो स्टेशन तक बैरीकेडिंग भी हटा दी गई है। इधर, राहगीरों को जाम से निजात मिलेगी। उधर, डिपो व कॉरिडोर पर 300 सोकपिट बनाकर मानसून में 10 लाख लीटर भूजल रिचार्ज का लक्ष्य रखा है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने पहले चरण में दो एलिवेटेड स्टेशन ताजपूर्वी गेट और बसई तक यू-गर्डर रख दिए हैं। तीन स्टेशन बनने हैं। वर्षा जल संचयन को लेकर यूपीएमआरसी ने काम शुरू कर दिया है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के मुताबिक मेट्रो डिपो व कॉरिडोर के नीचे 300 सोकपिट बनाई जाएंगी। पिलर के बीच पाइप डाली गई हैं। जिनसे कॉरिडोर का पानी सोकपिट में होकर भूजल में मिल जाएगा। हर बारिश में दस लाख लीटर पानी बचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैरीकेडिंग हटाने से सड़क चौड़ी हो जाएगी। यातायात सुगम होगा। फतेहाबाद रोड पर मेट्रो निर्माण चल रहा है। डिवाइडर के दोनों तरफ बैरीकेडिंग से यहां जाम लगता था।
डिवाइडर पर बोरिंग के लिए 70 जगह चिह्नित की गई हैं। जहां ड्रिल मशीन से बोरिंग की जाएगी। इन बोरिंग में ही सोकपिट तैयार होंगी। जिनमें बारिश का पानी सहेजा जाएगा। डिवाइडर पर हरियाली विकसित की जाएगी। जिसके लिए वायडक्ट के माध्यम से पानी उपलब्ध हो सकेगा।