गांजा तस्करी के तरीके
यहां के गांजा तस्करों तक पुलिस की पहुंच नहीं हो सकी है। दो साल पहले पार्सल में केरल से आए पार्सल में नारियल में गांजा आगरा कैंट स्टेशन पर पकड़ा गया था। जीआरपी आज तक पार्सल भेजने वाले और डिलीवरी लेने वाले को नहीं तलाश कर सकी है। दिवाली से पहले कंबलों में छिपाए गए भेजे गांजे के पार्सल पकड़े गए थे। इसमें भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। प्लास्टिक के क्रिकेट बैट में भी गांजा पकड़ा जा चुका है, लेकिन दक्षिण के राज्यों में सक्रिय गांजा तस्कर को आज तक जीआरपी नहीं पकड़ सकी है। जीआरपी अफसरों का कहना है कि ज्यादातर गांजा लाने वाले लोग कैरियर होते हैं। वह पांच या दस हजार रुपये के लालच में गांजा दक्षिण के राज्यों से यहां लाकर एजेंट को देते हैं। वह एजेंट ही माल को सरगना तक पहुंचाता है। कई बार कैरियर पकड़े गए हैं।
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